- छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा आचार्य पदारोहण, राजधानी रायपुर में 16 से 18 जून तक ऐतिहासिक महोत्सव
- महोत्सव में जुटेंगे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, अनुराधा पौडवाल देंगी भक्तिमयी गीतों की प्रस्तुति
रायपुर (विश्व परिवार)। राजधानी रायपुर आगामी 16 से 18 जून 2026 तक जैन समाज के एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में तीन दिवसीय आचार्य पदारोहण, सहस्रावधान एवं तपस्या महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें खरतरगच्छ परंपरा के गणाधीश पन्यास प्रवर श्री विनय कुशल मुनिजी गणि महाराज को आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।
महोत्सव का आयोजन सकल जैन समाज छत्तीसगढ़, अखिल भारतीय खरतरगच्छ महासंघ तथा आचार्य पदारोहण सहस्रावधान तपस्या महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। आज रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील पारख एवं महासचिव अशोक कांकरिया ने बताया कि कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन के संरक्षक पूर्व मंत्री एवं रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत हैं। महोत्सव में देशभर से श्रद्धालु रायपुर पहुचेंगे, हजारों की संख्या में समाजगण महोत्सव के साक्षी बनेंगे।
प्रेसवार्ता में महोत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील पारख और संयोजक राजेश बुरड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक बरड़िया, ललित पटवा एवं कोषाध्यक्ष बसंत झाबक, प्रचार प्रसार समिति के अजय मालू, कन्हैया लूनावत एवं भूपेंद्र कोटड़िया ने कार्यक्रम की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। प्रेसवार्ता के दौरान समिति के उपेन्द्र झबक, विनय पटवा एवं चंद्रेश शाह उपस्थित थे।
उन्होंने तिथिवार कार्यक्रम के बारे में बताया-
16 जून – सूरीमंत्र महापूजन और अनुराधा पौडवाल की भक्ति संध्या
महोत्सव के पहले दिन 16 जून को प्रातः 8 बजे वृहद शांतिधारा अभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद सुबह 9 बजे 504 जोड़ों की सहभागिता से भव्य सूरीमंत्र महापूजन संपन्न होगा। दोपहर 12.30 बजे श्री अरिहंत पूजा मंडल, पाली द्वारा श्री आदिनाथ पंचकल्याणक पूजन आयोजित की जाएगी।
शाम 7 बजे सुप्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा पौडवाल भक्तिमयी गीतों की प्रस्तुति देंगी, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
17 जून – भारत में पहली बार सहस्रावधान का प्रदर्शन
महोत्सव के दूसरे दिन 17 जून को प्रातः 7.30 बजे 14 वर्षीय बाल मुनि परम पूज्य शतावधानी हंसभद्र मुनिजी द्वारा सहस्रावधान का अद्वितीय प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान वे उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा पूछे गए एक हजार प्रश्नों को क्रमवार स्मरण कर प्रस्तुत करेंगे। आयोजकों के अनुसार यह अपने आप में दुर्लभ और ऐतिहासिक आयोजन होगा।
शाम को परमात्म भक्ति संध्या का आयोजन होगा, जिसमें मुंबई के प्रसिद्ध भजन गायक ऋषभ संभव जैन अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं राष्ट्रीय स्तर के चर्चित कलाकार झाड़ी जयपुर भी अपनी विशेष प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
18 जून – आचार्य पद पर होगा ऐतिहासिक पदारोहण
महोत्सव का मुख्य आयोजन 18 जून को होगा। सुबह 6 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में पन्यास प्रवर श्री विनय कुशल मुनिजी को औपचारिक रूप से आचार्य पदवी प्रदान की जाएगी। परम पूज्य श्री वीरभद्र मुनिजी महाराज (विराग मुनि) द्वारा उन्हें सूरी मंत्र प्रदान कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।
देशभर से हजारों श्रद्धालुओं, साधु-साध्वियों और जैन समाज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि खरतरगच्छ परंपरा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में भी दर्ज होगा।







