(विश्व परिवार)। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच शुक्रवार को सीजफायर पर सहमति बनी थी। इसके 8 घंटे बाद ही इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर हवाई हमले किए।
अल जजीरा के मुताबिक, इजराइली सेना ने ड्रोन और तोपों से नबाहितए इलाके में हमला किया जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई।
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।
दूसरी ओर, CNN के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद आगे की शर्तों पर बातचीत के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शनिवार को स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी इस बातचीत के लिए आज स्विट्जरलैंड पहुंच सकते हैं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. ईरान-अमेरिका वार्ता टली: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली पहली औपचारिक वार्ता टाल दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में लगातार इजराइली हमलों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। हालांकि, CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं।
2. लेबनान में इजराइली हमलों में 47 लोगों की मौत: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में शुक्रवार देर रात से हुए इजराइली हवाई हमलों में 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक मरने वालों की संख्या 3,980 पहुंच गई है।
3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी: अमेरिका-ईरान समझौते के बाद 18 जून को 25 कारोबारी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। यह अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। हालांकि, 500 से ज्यादा जहाज और 11 हजार नाविक अब भी खाड़ी में फंसे हुए हैं।
4. ट्रम्प बोले- ईरान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद आया है। उन्होंने कहा कि अगले 60 दिनों तक ईरान को अमेरिका से एक पैसा भी नहीं मिलेगा।
5. पाकिस्तानी PM ने सऊदी क्राउन प्रिंस से की बात: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और अगले दौर की बातचीत को कूटनीति और संवाद के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया।







