नई दिल्ली/रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और संसद की रसायन एवं उर्वरक संबंधी स्थायी समिति के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में आयोजित समिति की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक में चिकित्सा उपकरण (Medical Devices) उद्योग को सशक्त बनाने, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण को गति देने और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और अधिक सुदृढ़ करने जैसे जन-कल्याणकारी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास पर जोर
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि एक ‘स्वस्थ भारत’ का निर्माण केवल बेहतर उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए अनुसंधान (R&D), नवाचार, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और एक सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सुलभता के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। राज्य में फार्मा हब की संभावनाओं को तलाशने और स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों को चिकित्सा उपकरण विनिर्माण से जोड़ने पर उन्होंने समिति के समक्ष अपने सुझाव रखे।
आत्मनिर्भरता ही स्वास्थ्य सुरक्षा की नींव
श्री अग्रवाल ने आगे कहा, “API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता देश की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल दवाइयों की कीमतों में कमी आएगी, बल्कि हम अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले उतार-चढ़ाव से भी सुरक्षित रहेंगे। आज की बैठक में हमने इसी दिशा में ठोस नीतिगत बदलावों और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज स्वास्थ्य एवं फार्मा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से अग्रसर है। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि भारत न केवल अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बने, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक विश्वसनीय स्वास्थ्य समाधान प्रदाता (Pharmacy of the World) के रूप में उभरे।”
सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति की ये अनुशंसाएं आगामी समय में देश के चिकित्सा और फार्मा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के नागरिकों को मिलेगा।







