नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि भारत और इंडोनेशिया के कोस्ट गार्ड अब हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
द्विपक्षीय बैठक के बाद संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने इस साझेदारी को “21वीं सदी का सुनहरा अध्याय” बताया।
पीएम मोदी ने कहा, “मेरा मानना है कि आज भारत-इंडोनेशिया साझेदारी में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत हो रही है, और इस सुनहरे अध्याय का 21वीं सदी की दुनिया और पूरी मानवता पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हमारे देशों के बीच बढ़ता भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है।”
प्रमुख घोषणाएं:
समुद्री सुरक्षा: दोनों देशों के कोस्ट गार्ड हिंद महासागर में संयुक्त रूप से मिलकर काम करेंगे।
ब्लू इकोनॉमी: बंदरगाह विकास, समुद्री व्यापार और नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने का फैसला।
IIM बैंगलोर कैंपस: इंडोनेशिया में IIM बैंगलोर का नया कैंपस खोला जाएगा।
स्पेस सेक्टर: संयुक्त रिसर्च, टेक्नोलॉजी शेयरिंग और क्षमता निर्माण पर समझौता।
स्वास्थ्य क्षेत्र: इंडोनेशिया को सस्ती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराने और डॉक्टरों-हेल्थकेयर वर्कर्स की क्षमता बढ़ाने का ऐलान।
टेक्नोलॉजी: AI, टेलीकॉम्युनिकेशन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप सहयोग पर नया समझौता।
कृषि: सस्टेनेबल फार्मिंग और एग्रो-टेक्नोलॉजी में ज्ञान साझा करने का फैसला।
सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान ‘बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने इस सम्मान को करोड़ों भारतीयों को समर्पित करते हुए राष्ट्रपति और इंडोनेशिया के लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने कहा…
“आज भारत-इंडोनेशिया साझेदारी में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत हो रही है… हमारे बढ़ता भरोसा रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है।”
उन्होंने गरीबी उन्मूलन को दोनों देशों की साझा प्राथमिकता बताते हुए मिड-डे मील और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम जैसे समाधानों को साझा करने की बात कही।
यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया की ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।







