जगदलपुर (विश्व परिवार)। दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी छात्र आंदोलन की आवाज अब बस्तर तक पहुंच गई है। जगदलपुर के एसबीआई चौक पर कांग्रेस पार्षद और पूर्व छात्र नेता अपने साथियों के साथ दो दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन का केंद्र सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े उन मुद्दों को बनाया गया है जो पिछले कई महीनों से राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं।
नगर निगम के पार्षद लोकेश चौधरी और युवा कांग्रेस नेता अंकित सिंह ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि NEET परीक्षा में बार-बार सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है।
भूख हड़ताल पर बैठे नेताओं का दावा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और मानसिक दबाव के कारण कई छात्र आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को रोकने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि पहले टेंट हटाया गया और अब प्रदर्शन स्थल खाली कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर यह दो दिवसीय भूख हड़ताल अनिश्चितकालीन आंदोलन का रूप भी ले सकती है।







