रायपुर (विश्व परिवार) । मजदूरों, किसानों व जन संगठनों के संयुक्त मोर्चे के अखिल भारतीय आव्हान पर भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर आज 10 अगस्त को मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आजाद चौक स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष पुरजोर प्रदर्शन कर विरोध सभा ली गई । मजदूरों,कर्मचारियों, किसानों, छात्रों, नौजवानों व महिलाओं ने यहां पर सैकड़ों की तादाद में शामिल होकर अपना रोष व्यक्त किया । प्रदर्शन में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन, संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल, बीमा कर्मचारी यूनियन, छ ग किसान महासभा, एक्टू,ए आई यू टी यू सी,ए आई डी एस ओ, क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच, सी जी एस पी ई यू, सी जेड आई ई ए, आर डी आई ई यू , बीमा कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन तथा केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारियों ने शिरकत की। इस अवसर पर आयोजित विरोध सभा की अध्यक्षता एस टी यू सी के संयोजक वी एस बघेल ने की । सभा की कार्यवाही का संचालन आर डी आई ई यू के अध्यक्ष राजेश पराते द्वारा किया गया । सभा को एस एन बेनर्जी, नरोत्तम शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, अतुल देशमुख, गजेन्द्र पटेल , विश्वजीत हेरोडे, नवीन गुप्ता, प्रवीण शर्मा, अनुसुईया ठाकुर, तुहीन देव सहित अनेक नेतृत्वकारी साथियों ने संबोधित किया । वक्ताओं ने मोदी सरकार की बढ़ती तानाशाही, संविधान पर जारी हमलों एवं जन विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने मांग की कि मजदूरों को गुलामी के जीवन में धकेलनेवाली चारों श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द कर सभी श्रमिकों के लिए 8 घंटे का कार्य दिवस, हड़ताल का अधिकार एवं स्थाई रोजगार सुनिश्चित किया जाए । वक्ताओं ने किसानों को सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने और फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी देने सहित किसान आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा स्वीकृत शर्तों को तत्काल पूर्ण करने की मांग भी की। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा योजना बहाल करने एवं इसके अंतर्गत वर्ष में 200 दिनों के कार्य उपलब्ध कराये जाने की मांग की गई । विशेष रुप से छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने तथा स्मार्ट मीटर योजना तत्काल वापस लेने की मांग की गई । हसदेव सहित प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों को कार्पोरेट के हाथों में सौंपे जाने की घोर निंदा भी की गई । वक्ताओं ने ठेकाकरण पर रोक लगाने, सरकारी क्षेत्र में तत्काल नई भर्ती आरम्भ करने,महंगाई व बेरोजगारी पर रोक लगाने, निजीकरण पर रोक लगाने, नई पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने, शिक्षा के बजट में वृद्धि करने, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए प्रत्येक नागरिक को चिकित्सा का अधिकार प्रदान करने तथा अत्यधिक धनी लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने की मांग की गई । सभा के अंत में राष्ट्रपति के नाम 17 सूत्रीय मांगपत्र पुलिस प्रशासन को सौंपा गया । जबरदस्त नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ । आज के प्रदर्शन में संध्या भगत, अनुसुइया ठाकुर, एम के नंदी, दिलीप भगत, के के साहू, डी सी पटेल, ऋषि मिश्रा,दीप कुमार सिरमौर, संजय अग्रवाल, अर्थव कुमार, संदीप सोनी, ललित वर्मा , मसूद अंसारी, जतिंद्र दुबे, सौरभ यादव, शिव यदु, एस पी यादव, विजय तिरपुडे, बी आर वर्मा, आर एन साहू, विनीत मिश्रा, सुखेन साहू, योगेश मिश्रा, सुभाष साहू, सतीश ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों लोग शामिल हुए।








