छत्तीसगढ़

54 एकड़ सरकारी जमीन के आवंटन पर बवाल, ग्रामीणों का अल्टीमेटम; मांग नहीं मानी तो 15 अगस्त को चक्काजाम

आरंग (विश्व परिवार)। ग्राम पंचायत रसनी में ग्राम सभा के स्पष्ट निर्णय और जनभावनाओं को दरकिनार कर 22 हेक्टेयर (लगभग 54 एकड़) शासकीय बहुउद्देश्यीय भूमि को ‘जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र’ को सौंपने की प्रशासनिक कवायद पर जन-आक्रोश फूट पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत रायपुर के सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर की अगुवाई में ग्रामीणों ने आरंग थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर इस आवंटन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त की सुबह तक भूमि आवंटन पर रोक का आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता तो क्षेत्रवासी स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करेंगे और 15 अगस्त की सुबह 9 बजे से नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने को मजबूर होंगे।
ग्राम सभा का फैसला सर्वोच्च, फिर भी अनदेखी क्यों..?
विवाद की शुरुआत तहसीलदार आरंग द्वारा शासकीय भूमि (खसरा नंबर: 15, 16, 17, 33, 36, 37, 38, 50, 54, 57, 58, 248 एवं 250) को औद्योगिक प्रयोजन के लिए हस्तांतरित करने के संबंध में मांगे गए अभिमत से हुई। इस विषय पर ग्राम पंचायत रसनी के सरपंच एवं ग्रामीणों ने विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था और उद्योग विभाग को जमीन देने के प्रस्ताव को पूर्णतः खारिज कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम सभा के निर्णय को प्राथमिक अधिकार प्राप्त होने के बावजूद प्रशासन जबरन ग्रामीणों की आरक्षित भूमि छीनने पर आमादा है।
गांव के भविष्य और सार्वजनिक हितों पर कुठाराघात
जिला पंचायत सदस्य वतन अंगनाथ चंद्राकर ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि जिस 54 एकड़ भूमि को उद्योग स्थापित करने के नाम पर अधिग्रहित किया जा रहा है, वह गांव के सतत विकास और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है। इस भूमि पर कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित हैं। जैसे –

  • सार्वजनिक खेल मैदान: युवाओं व बच्चों के बहुउद्देश्यीय खेल-कूद हेतु।
  • किसान सुविधा: धान खरीदी केंद्र का निर्माण।
  • आबादी भूमि विस्तार: ग्रामीणों के आवास की भविष्य की जरूरतों के लिए।
  • पर्यावरण एवं पशुधन: गोठान, चारागाह और सघन वृक्षारोपण परियोजना।

उद्योग स्थापित करे का पूरजोर विरोध करेंगे : वतन चंद्राकर
जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने बताया कि “यह जमीन उद्योगपतियों को देने के लिए नहीं, बल्कि गांव के भविष्य और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए आरक्षित है। ग्रामीणों के हितों की बलि देकर उद्योग स्थापित करने के किसी भी प्रयास का पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा।”

प्रशासन को अल्टीमेटम और सीधी चेतावनी
थाना प्रभारी आरंग को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख है कि 15 अगस्त की सुबह तक आवंटन प्रक्रिया रद्द की जाए। मांग पूरी न होने की स्थिति में ग्रामवासी स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाएंगे और सुबह 9:00 बजे से नेशनल हाईवे पर बेमियादी धरना देकर यातायात बाधित करेंगे। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था की गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।

 

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