दुर्ग

महापौर अलका बाघमार पहुँचीं दीपक नगर, बिना सूचना औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की खोली पोल

  • नाली-पुलिया तोड़कर अंदर से परखी निर्माण सामग्री, गुणवत्ता में कमी पर महापौर ने जताई नाराजगी
  • जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, महापौर अलका बाघमार

दुर्ग (विश्व परिवार)। नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने आज नागरिकों से प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर के साथ वार्ड क्रमांक 23, दीपक नगर का औचक निरीक्षण किया। महापौर बिना किसी पूर्व सूचना के मौके पर पहुँचीं और क्षेत्र में चल रहे नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य का स्वयं जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण की वास्तविक स्थिति, उपयोग की जा रही सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता को बारीकी से परखा।निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही पकड़ी। जहां 4 एमएम की सरिया लगनी थी, वहां 8 एमएम और जहां 8 एमएम की सरिया निर्धारित थी, वहां 4 एमएम की सरिया लगाई जा रही थी। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को सख्त हिदायत दी। ठेकेदार के विरुद्ध होगी नियमानुसार कड़ी कार्रवाही।

महापौर ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण सामग्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर ही नाली एवं पुलिया के निर्माण को तोड़कर अंदर से जांच कराई। उन्होंने यह देखा कि निर्माण में किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया है तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण कार्य किया जा रहा है अथवा नहीं।जांच के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर महापौर ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्य सीधे आम नागरिकों के हित से जुड़े होते हैं। ऐसे कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। शिकायत मिलने पर केवल कागजी कार्रवाई करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करना आवश्यक है।

निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सभी विकास एवं निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। नाली, पुलिया, सड़क सहित जनसुविधाओं से जुड़े कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ ही पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के पैसों से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि महापौर के निर्देशानुसार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है। वार्डों में विकास कार्यों का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर और स्थायी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलती है तो मौके पर जाकर जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महापौर के औचक निरीक्षण से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर निगम के अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों में भी गंभीरता का संदेश गया। महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ और नागरिकों के हित में उपयोगी विकास कार्य सुनिश्चित करना है।

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