छत्तीसगढ़बेमेतरा

हेमाबंद में गौवंशों की मौत को लेकर बवाल, कलेक्ट्रेट पहुंचे गौ सेवक; जांच रिपोर्ट में 2 पशुओं की मौत की पुष्टि

बेमेतरा (विश्व परिवार)। जिले के हेमाबंद गांव में गौवंशों की मौत के मामले को लेकर गौ सेवकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गौ सेवक आदेश सोनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में गौ सेवक कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारी मृत गौवंश को पिकअप वाहन में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गौ सेवकों का आरोप है कि हेमाबंद गांव में कई गौवंशों की मौत हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कलेक्टर से चर्चा की मांग पर अड़े
प्रदर्शन कर रहे गौ सेवक कलेक्टर से सीधे चर्चा करने और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा नहीं देता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। मौके पर तहसीलदार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर गौ सेवकों का प्रदर्शन जारी है
टीम ने 120 पशुओं का किया स्वास्थ्य परीक्षण
इधर पशुओं को लेकर सामने आई शिकायत के बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 120 पशुओं का निरीक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण किया। विभाग की ओर से तैयार निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दौरान कोई भी पशु मृत अवस्था में नहीं मिला, जबकि दो पशुओं की पूर्व में मौत होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने सभी पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें कुछ पशु कमजोर पाए गए, जबकि अधिकांश पशु स्वस्थ बताए गए हैं। पशुओं के लिए चारा और भूसा उपलब्ध कराए जाने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है। निरीक्षण में मौके पर कोई भी मृत पशु नहीं मिला।
निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख है कि ये पशु वर्ष 2024 से अन्य पंचायतों के सरपंचों और ग्रामीणों की अनुमति/सहमति से रखे गए हैं। पशुओं को दिन में चराने के लिए ले जाया जाता है। संबंधित व्यक्ति द्वारा गौशाला पंजीयन के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी भी विभाग को मिली है। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कुल दो पशुओं की पूर्व में मौत हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मृत पशुओं को दफन किए जाने की बात बताई गई है। हालांकि, निरीक्षण के समय मौके पर कोई भी मृत पशु नहीं मिला।
पुलिस से FIR की जानकारी नहीं
पशु चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 22 अगस्त 2026 को पुलिस चौकी से संबंधित जानकारी ली गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पशुओं को कत्लखाने ले जाने या उन्हें मारने से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और इस संबंध में FIR दर्ज होने की जानकारी भी नहीं मिली। पशु चिकित्सा टीम ने मौके पर मौजूद पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें स्वस्थ पाया। निरीक्षण रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts