- बच्चों में कंप्यूटरीकृत शिक्षा को बढ़ावा देने बम्फ़र ड्रा में लेपटॉप का पुरस्कार
- राखी पर्व पर गाय माता की सुरक्षा का संकल्प – शासन जमीन उपलब्ध करावे तो जैन समाज 1000 गायों की गौशाला खोलेगा
रायपुर (विश्व परिवार)। खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी द्वारा प्रतिष्ठित चमत्कारी श्री जिनकुशल सुरि जैन दादाबाड़ी भैरव सोसायटी में जारी 21 दिवसीय इक्तिसा जाप के पूर्णाहुति महोत्सव में 30 अगस्त रात्रि 8 बजे से सुप्रसिद्ध भजन सम्राट छत्तीसगढ़ गौरव राहुल झाबक गुरुभक्ति की प्रस्तुति देंगे । श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि इक्तिसा जाप पूर्णाहुति महोत्सव 30 अगस्त को बम्पर लक्की ड्रा द्वारा जैन समाज में कंप्यूटरीकृत एजुकेशन को प्रोत्साहित करने लैपटॉप प्रदान किया जायेगा । बम्फ़र ड्रॉ लेपटॉप चमेला देवी चौधरी सजंय अजय आलोक चौधरी परिवार की सौजन्यता से प्रदान किया जावेगा । दादागुरुदेव इक्तिसा जाप में आज विरति मण्डल की लब्धि भन्साली , हर्षित बोथरा व परिधि व प्रनीत भन्साली ने दादागुरुदेव की भक्ति का रंग जमाया । जब कोई नही आता मेरे दादा आते हैं , मेरे दुख के दिनों में बड़े काम आते हैं । मेरी नगरी के भाग आज खुल जाएंगे दादा आएंगे जैसे भजनों ने गुरुभक्ति में भक्तों को जोड़कर माहौल बना दिया । कल रक्षापर्व के अवसर पर अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने कहा कि राजधानी में गाय माता को रक्षा सूत्र बाँधने की महती आवश्यकता है । दादागुरुदेव के महापूजन अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि छत्तीसगढ़ शासन , नगर निगम या हाउसिंग बोर्ड जमीन उपलब्ध करावे तो शीघ्र 1000 गायों के रखरखाव हेतु शेड निर्माण कर जैन गौशाला का व्यवस्थित संचालन किया जावेगा । इस हेतु श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट शीघ्र माननीय मुख्यमंत्री से भेंटकर जैन समाज की भावनाओं से अवगत करवाएगा । इक्तिसा जाप में ट्रस्टी नीलेश गोलछा , डॉ योगेश बंगानी , खरतरगच्छ महिला परिषद की राष्ट्रीय संगठन मंत्री मंजू कोठारी , संतोष झाबक , महेन्द्र कोठारी , निर्मल पारख , पूनम बरमट दीप्ती बैद अंजली जितेन्द्र गोलछा की सक्रिय सहभागिता है । 21 दिवसीय दादागुरुदेव इक्तिसा जाप में दादागुरुदेव की जिस प्रतिमा जी के सम्मुख प्रतिदिन 60 मिनट जाप हुआ , दादागुरुदेव की इस ऊर्जावान प्रतिमा जी को अपने घर लेकर जाने का लाभ किसी भाग्यशाली श्रद्धालु को नकरे के माध्यम से दिया जावेगा ।







