रायपुर (विश्व परिवार)। शासकीय प्राथमिक विद्यालय अमलीडीह में कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों के लिए कहानी सत्र का आयोजन किया गया। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कहानीकार तोरल नारंग ने अपने कहानियों के पिटारे से बच्चों को कई रोचक कहानियां सुनाईं। खास बात यह रही कि उन्होंने बच्चों को कहानियों के पात्र बनाकर कथाओं को जीवंत और रंगीन अंदाज में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में कुल 38 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कहानी सुनने के दौरान बच्चों की उत्सुकता और उत्साह देखते ही बन रहा था। कभी पूरा कमरा बच्चों की खिलखिलाहट से गूंज उठा तो कभी नन्हे हाथ तालियों से भर गए। कई बच्चे कहानियों की कल्पनाओं की दुनिया में खोए नजर आए।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ रायपुर की अध्यक्ष डॉ. प्रीता लाल, डॉ. नम्रता ध्रुव, शासकीय प्राथमिक शाला अमलीडीह के प्राचार्य डॉ. आनंद मसीह और शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अमलीडीह की प्राचार्य डॉ. नीता एंटोनी उपस्थित रहीं। रोटरी क्लब ऑफ रायपुर से कृष्णा और नंदू ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस अवसर पर प्रदीप गोविंद शितूत ने कहा कि आजकल एकल परिवारों के बढ़ते चलन के कारण बच्चों को दादा-दादी और नाना-नानी का साथ कम मिल पाता है। वहीं, माता-पिता के काम में व्यस्त रहने के कारण बच्चे मोबाइल को अपना साथी बना लेते हैं। धीरे-धीरे मोबाइल देखने की आदत इतनी बढ़ जाती है कि उसे छुड़ाना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर रखने के साथ-साथ यदि मोबाइल का इस्तेमाल कराया जाए तो ऐसे शैक्षणिक एप और अच्छी कहानियों वाले कार्यक्रम दिखाने चाहिए, जिनसे बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने का अवसर भी मिले।
आयोजकों ने कहा कि यह केवल कहानी सुनाने का सत्र नहीं था, बल्कि बच्चों के साथ जुड़ने, उन्हें सुनने, उनकी कल्पनाशक्ति को बढ़ावा देने और उनके भीतर कहानियों के प्रति प्रेम जगाने की एक छोटी-सी पहल थी। बच्चों की चमकती आंखों, खिलखिलाती मुस्कानों और उत्साह ने कार्यक्रम को सार्थक बना दिया।







