Blog

बहुआयामी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय जैन संगीत सम्राट नमाजी जैन बकानी :पारस जैन 

बकानी (विश्व परिवार)। स्वर्गीय जैन संगीत सम्राट स्वर्गीय नमाजी जैन बकानी* बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। आपने 5000 से अधिक भजन लिखे जो पूरे भारतवर्ष में अत्यंत चर्चित हुए। आपने संपूर्ण भारत के अतीत से लेकर सभी तीर्थ क्षेत्रों की भावपूर्ण वंदना अपने भजनों और रचनाओं में की। आपके भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति ने करोड़ों लोगों को भक्ति और संस्कारों से जोड़ा था। आपके द्वारा लिखे हुए भजन चांद खेड़ी म्हणे तो उजाली लागी छ, जीते नंगा मरते नंगा, कालों कालों सावरों पारस म्हारो नाथ, ओ चांदनपुर वाले बाबा जग के रखवाले बाबा, जो भगवती त्रिशला, इत्यादि भजन आज भी पूरे भारत में श्रद्धा भक्ति भाव ओर समर्पण के साथ गाये जाते है।
आपके आशीर्वाद से बकानी परिवार आज हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रहा है। देश-विदेश में परिवार के सदस्य *Doctors, Engineers, साहित्य और पत्रकारिता* के क्षेत्र में अपनी पहचान पूरे भारत वर्ष में बना रहे हैं। आपका पूरा परिवार आपके दिए हुए सद संस्कारों, अनुशासन और संस्कृति पर चल रहा है।
आप होते तो देखकर बहुत खुश होते। आपकी प्रेरणा और आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। आपकी विरासत को हम आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखेंगे। मेरा ये सौभाग्य रहा कि मेरे सिर पर आपका रहा आज में जो कुष्ठ भी हूँ आपके सद संस्कारों और मंगल आशीर्वाद का ही प्रभाव है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts