गरियाबंद (विश्व परिवार)। गरियाबंद में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही और लाचारी की दुखदाई तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर मैनपुर ब्लॉक के मोती पानी गांव का है, जहां ग्रामीण और स्कूली बच्चे मिलकर एक कच्चे मकान को स्कूल भवन बना रहे हैं। कवेलु मरम्मत से लेकर दीवारों के जतन ग्रामीण श्रमदान से कर रहे हैं।
दरअसल, 4 साल पहले ही अतरिक्त कक्ष के लिए मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत मोतिपानी प्राथमिक शाला के लिए 8 लाख की मंजूरी दी गई थी। 41 बच्चों वाले स्कूल भवन में अतिरिक्त कमरे का निर्माण ट्रॉइवल डिपार्टमेंट के देख-रेख में काम हो रहा था। लेकिन ठेकेदार ने मंजूर राशि का आधा खर्च कर अधूरा निर्माण छोड़ दिया।
छत के ऊपर मंडराता खतरे को भांप ग्रामीणों ने पुराने भवन को मरम्मत करना मुनासिब समझा। मैनपुर ब्लॉक में 40 से ज्यादा भवन का काम अब भी अधूरा है। लापरवाह ठेकेदारो पर प्रशाशन ने आधा अधूरा कार्यवाही कर छोड़ दिया है।







