नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत और चीन दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देश के आपसी रिश्तें एक बार फिर पटरी पर लौटते नजर आ रहे हैं. इसका साफ जीता जागता उदाहरण है भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क बहाली की प्रक्रिया का घोषणा होना. चाइना सदर्न एयरलाइंस 21 सितंबर से छह साल बाद ग्वांगझू-नई दिल्ली के बीच नियमित यात्री उड़ान सेवा फिर से शुरू करने जा रही है. जिनपिंग के भारत आने से पहले ही चीन की एक एयरलाइन ने नई दिल्ली के लिए डायरेक्ट फ्लाइट चलाने की घोषणा की है।
2020 की कोरोना महामारी और उसके बाद भारत-चीन सीमा तनाव के कारण दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित रहीं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत की धरती पर कदम रख चुके है. पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है. शी जिनपिंग भारत की धरती पर करीब 7 साल बाद उतरें है. अहम बात यह है कि अब एक बार फिर भारत और चीन के रिश्ते ठीक होते नजर आ रहे हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और BRICS शिखर सम्मेलन के बीच चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने का ऐलान किया है. करीब छह साल बाद शुरू हो रही यह सेवा दोनों देशों के बीच यात्रा, व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
चाइन सदर्न ने बताया कि इस रूट पर बोइंग 737 सीरीज के विमानों से हर दिन एक उड़ान संचालित की जाएगी. ग्वांगझू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर 3:35 बजे रवाना होगी और शाम 7 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी. वापसी की उड़ान इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रात 8:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन तड़के 4:15 बजे ग्वांगझू एयरपोर्ट पर लैंड करेगी।
दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के फैसले से आर्थिक, व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को नई गति मिल सकती है. कंपनी ने शनिवार को इसकी घोषणा की. चाइन सदर्न एयरलाइंस चाइना ईस्टर्न एयरलाइन्स और एयर चाइना के बाद दोनों देशों के बीच सेवाएं बहाल करने वाली यह तीसरी प्रमुख चीनी एयरलाइन है।







