नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी (UCC) पर बड़ा ऐलान किया है। अमित शाह ने 2029 लोकसभा चुनाव (2029 Lok Sabha elections) से पहले देश के 21 राज्य़ों में UCC लागू करने का ऐलान किया है। अमित शाह ने कहा कि 21 BJP-NDA शासित राज्यों साल 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दिया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है। उत्तराखंड, गुजरात और असम में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में NDA शासित बाकी राज्यों में भी इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
मुंबई में सेवा संकल्प अभियान को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमिच शाह ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू करने की प्रक्रिया कई राज्यों में आगे बढ़ चुकी है। सरकार की कोशिश है कि NDA के नेतृत्व वाली सभी राज्य सरकारों में भी इसे लागू किया जाए। UCC का मकसद अलग-अलग धर्मों के लिए अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में समान नागरिक नियम लागू करना है। हालांकि, इसके प्रावधान और लागू करने की प्रक्रिया राज्यों के स्तर पर अलग हो सकती है। शाह ने कहा कि तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया है और मुझे भरोसा है कि BJP-NDA शासित 21 राज्यों में हम 2029 से पहले UCC लागू कर देंगे।
उत्तराखंड, गुजरात और असम में UCC लागू
आपको बता दें कि बीजेपी नेतृत्व वाला NDA दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित 19 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में सत्ता में है। उत्तराखंड, गुजरात और असम में UCC लागू हो चुका है। जबकि मध्य प्रदेश ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
इसके साथ ही अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर 17 सितंबर से देशभर में 30 दिवसीय सेवा संकल्प अभियान शुरू करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, संपूर्ण NDA गठबंधन और स्वयंसेवी संगठन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाने के लिए एक साथ आ रहे हैं।







