- लक्ष्मण मंदिर, सुरंग टीला और तीवरदेव विहार का किया भ्रमण, प्राचीन स्थापत्य एवं सांस्कृतिक परंपराओं की ली जानकारी
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संरक्षित स्मारकों के अवलोकन से पत्रकारों ने जाना छत्तीसगढ़ का गौरवशाली इतिहास
रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ के अंतरराज्यीय मीडिया एक्सपोजर टूर के दूसरे दिन ओडिशा से आए पत्रकारों ने राज्य की प्राचीन पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख केंद्र सिरपुर का भ्रमण किया। प्रेस सूचना ब्यूरो, भुवनेश्वर के नेतृत्व में आयोजित इस दौरे के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित एवं संरक्षित किए जा रहे विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों का अवलोकन किया। भ्रमण का उद्देश्य पत्रकारों को सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला, पुरातात्विक उत्खनन और सांस्कृतिक परंपराओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सिरपुर स्थित लक्ष्मण मंदिर का दौरा किया और इसकी विशिष्ट ईंट निर्मित वास्तुकला, अलंकरणों तथा उत्कृष्ट शिल्पकला का अवलोकन किया। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने बालेश्वर महादेव मंदिर और सुरंग टीला का भी भ्रमण किया। इन स्थलों के माध्यम से पत्रकारों को क्षेत्र में मंदिर स्थापत्य के विकास तथा धार्मिक परंपराओं के ऐतिहासिक स्वरूप को समझने का अवसर मिला।
सिरपुर की बौद्ध विरासत को जानने के लिए प्रतिनिधिमंडल ने तीवरदेव विहार का भी दौरा किया। उत्खनन से सामने आए विहार के अवशेषों और संरचनात्मक विशेषताओं ने पत्रकारों को सिरपुर के बौद्ध गतिविधियों तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की जानकारी दी। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को स्मारकों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पुरातात्विक उत्खनन से प्राप्त निष्कर्षों और स्थापत्य संबंधी विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। स्थल पर किए गए प्रत्यक्ष अवलोकन से पत्रकारों को प्राचीन सिरपुर में हिंदू और बौद्ध परंपराओं के सह-अस्तित्व तथा इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद मिली।
इस विरासत भ्रमण का समन्वय केंद्रीय संचार ब्यूरो, संबलपुर के सहायक निदेशक मनमोहन पाढ़ी और प्रेस सूचना ब्यूरो, भुवनेश्वर के सूचना सहायक विकास रंजन दलई ने किया। दोनों अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ भ्रमण में सहभागिता की।
यह मीडिया एक्सपोजर टूर ओडिशा के पत्रकारों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत, विकास पहलों और सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पत्रकारों को प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और विरासत से जुड़ी कहानियों को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।







