मुंबई (विश्व परिवार)। बैंक ऑफ बड़ौदा ने प्रतिभूतियों के एवज में डिजिटल रूप से सक्षम ओवरड्राफ्ट सुविधा ‘बॉब पीएएल’ (पोर्टफोलियो-समर्थित स्वीकृत लिमिट) शुरू करने की घोषणा की है। इसके माध्यम से ग्राहक अपने निवेश को बेचे बिना अल्पकालिक व्यक्तिगत या व्यावसायिक जरूरतों के लिए धनराशि प्राप्त कर सकेंगे।
बॉब पीएएल के तहत पात्र ग्राहक इक्विटी शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, डिबेंचर और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) जैसी प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर ₹1 लाख से ₹5 करोड़ तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। ₹1 करोड़ तक की सीमा के लिए यह सुविधा डिजिटल रूप से भी उपलब्ध है, जिसमें ग्राहकों को तत्काल मंजूरी प्रदान की जाती है।
इस सुविधा के तहत ग्राहक अपने निवेश पोर्टफोलियो को जारी रखते हुए लाभांश और बोनस जैसे लाभ प्राप्त करना जारी रख सकते हैं। ओवरड्राफ्ट सुविधा में केवल उपयोग की गई राशि पर ब्याज लगाया जाएगा, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार धनराशि का उपयोग कर सकेंगे।
बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक संजय मुदालियर ने कहा कि धन की उपलब्धता दीर्घकालिक निवेश को समाप्त करने की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। बॉब पीएएल ग्राहकों को अपने निवेश जारी रखते हुए जरूरत के समय अपनी वित्तीय परिसंपत्तियों के मूल्य का उपयोग करने की सुविधा देता है। उन्होंने कहा कि सरल ओवरड्राफ्ट व्यवस्था और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से यह सुविधा ग्राहकों को सुविधाजनक और सुलभ वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बॉब पीएएल की प्रमुख विशेषताएं
- प्रति व्यक्ति ₹1 लाख से ₹5 करोड़ तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा।
- पात्र इक्विटी शेयरों, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, डिबेंचर और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के एवज में ऋण सुविधा।
- केवल उपयोग की गई राशि पर ब्याज।
- निवेश को बेचे बिना धनराशि प्राप्त करने की सुविधा।
- बॉब वर्ल्ड, इंटरनेट बैंकिंग और बैंक की वेबसाइट के माध्यम से डिजिटल ऑनबोर्डिंग और प्रोसेसिंग।
बैंक ऑफ बड़ौदा के अनुसार, बॉब पीएएल के माध्यम से ग्राहकों को अपनी वित्तीय परिसंपत्तियों से जरूरत के समय तरलता प्राप्त करने का सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। ₹1 करोड़ तक की सुविधा के लिए डिजिटल प्रक्रिया और उच्च ऋण सीमा के साथ यह योजना सुरक्षित ऋण तक तेज पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।







