रायपुर (विश्व परिवार)। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम के तहत MATS University, पंडरी में योग विभाग द्वारा आयुर्वेद स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। योग हॉल में आयोजित शिविर में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया।
कार्यक्रम में डायरेक्टर जनरल प्रीयेश पगारिया, कुलपति डॉ. के. पी. यादव एवं कुलसचिव गोकुलानंद पंडा ने विश्वविद्यालय परिवार को आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग और आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में नारायण प्रसाद अवस्थी शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, रायपुर की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने सेवाएं दीं। टीम में डॉ. सी. ए. घाटगे, डॉ. योगेश पाण्डेय, डॉ. सरोज आहुजा, शिविर प्रभारी डॉ. संगीता यदु एवं डॉ. गितेश पटेल सहित अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। स्नातकोत्तर एवं इंटर्नशिप स्तर के विद्यार्थियों ने भी शिविर में सहयोग किया।
इन रोगों की हुई जांच- चिकित्सकों ने महिला स्वास्थ्य, लीवर एवं किडनी संबंधी समस्याओं, हड्डी एवं जोड़ संबंधी परेशानी, त्वचा रोग, मोटापा एवं वजन प्रबंधन सहित विभिन्न जीवनशैली संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की। प्रतिभागियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आहार-विहार, दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में व्यक्तिगत सुझाव दिए गए।
शिविर में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर एवं वजन की जांच की सुविधा भी उपलब्ध रही। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद आवश्यकता के अनुसार प्रतिभागियों को निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां भी प्रदान की गईं।
शिविर के आयोजन में योग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. योगेश कुमार, डॉ. राघव कुमार वर्मा, डॉ. नवीन कुमार पटेल एवं डॉ. आशीष धर दीवान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने चिकित्सकीय टीम के साथ समन्वय करते हुए विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों एवं कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित कराने तथा शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग किया।
आयोजकों के अनुसार शिविर का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय को निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करना तथा दैनिक जीवन में योग एवं आयुर्वेद के उपयोगी सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।







