रायपुर (विश्व परिवार)। श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा फॉर्म शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन कर विरोध प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में परीक्षा फॉर्म का शुल्क 1,800 रुपये निर्धारित किया गया था, जिसे अचानक बढ़ाकर 2,800 रुपये कर दिया गया था। शुल्क में सीधे 1,000 रुपये की वृद्धि किए जाने से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था, जिसके चलते छात्र-छात्राओं में भारी असंतोष था।
विद्यार्थियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी और शुल्क वृद्धि के विरोध में आंदोलन किया। अभाविप के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की मांग स्वीकार करते हुए परीक्षा शुल्क 2,800 रुपये से घटाकर 2,100 रुपये कर दिया। साथ ही परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 07 नवंबर कर दी गई। इससे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
आंदोलन में मुख्य रूप से उपस्थिति छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह मंत्री प्रथम राव फुटाने ने कहा कि, “विश्वविद्यालयों का दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, न कि उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना। परीक्षा शुल्क में अचानक 1,000 रुपये की वृद्धि करना विद्यार्थियों के हितों के विपरीत था। अभाविप ने विद्यार्थियों की इस समस्या को लेकर आवाज उठाई, जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन को शुल्क वृद्धि के निर्णय में संशोधन करना पड़ा।
आंदोलन में मुख्य रूप से अभाविप विश्वविद्यालय कार्यकारिणी अध्यक्ष अनूप तिवारी, जिला संयोजक शिवम योगी, रिद्धिमा , रुचिका, रवि, पायल, संकल्प, सुनय, श्रीयांश सहित अन्य कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना परिषद की प्राथमिकता है। जब-जब विद्यार्थियों के अधिकारों पर कुठाराघात होगा, तब-तब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों की आवाज बनकर संघर्ष करेगी।







