नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सेशन में अपनी स्पीच दी। अपनी स्पीच में शहबाज शरीफ वही पुराना राग ‘कश्मीर राग’ अलापा। साथ ही सिंधू नदी के पानी रोकने को लेकर गीदड़ भभकी दी। इस दौरान उनके भाषण में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का खौफ भी दिखा। शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का श्रेय डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि ट्रंप ने हमें बचा लिया। उनके कारण ही दक्षिण एशिया में बड़े पैमाने पर लोगों की जान बची। करीब 23 मिनट के अपने संबोधन में शरीफ ने ट्रंप की लीडरशिप की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप ने दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया था। इसी हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भी ट्रंप ने इस दावे को दोहराया। हालांकि भारत लगातार किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के दावे को खारिज करता रहा है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने करीब 23 मिनट भाषण दिया। उनके भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का खौफ दिखा। शहबाज शरीफ ने ट्रंप की लीडरशिप की तारीफ की उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ‘समय पर हस्तक्षेप’ ने दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की। शहबाज शरीफ ने एक बार फिर UN में कश्मीर का मुद्दा उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर उनके लिए जगलर वेन (गर्दन की नस) है। भारत यहां पर लोगों के साथ ज्यादती कर रहा है। शहबाज शरीफ ने भारत को सिंधु नदी का पानी न रोकने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि पानी रोकने की कोशिश को ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा। साथ ही भारत में इस्लामोफोबिया का मुद्धा उठाया।
भारत ने दिया तगड़ा जवाब
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान पीएम शाहबाज शरीफ इस ओछी बयानबाजी का पलटवार करते हुए भारत ने UNGA में पाकिस्तान को धो डाला। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत (Petal Gehlot)ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए शहबाज शहबाज के दावों और धमकी की धज्जियां उड़ा दी। पेटल गहलोत ने जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग करार देते हुए UNGA के मंच पर साफ कहा कि भारत सिर्फ पीओके पर बात करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरेपन की नीति से न तो उसे और न ही दुनिया को कोई फायदा होगा। शरीफ के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज दोपहर महासभा ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब टिप्पणियां सुनीं। यह ऐसे समय में हुआ है, जब न्यूयॉर्क शहर और दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था। उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इसी संस्था के सामने गहरी श्रद्धा दिखाई। पेटल गहलोत ने कहा कि यह सब उस बात से ही उम्मीद की जा सकती है, जिसे खुद पाकिस्तानी लोग ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहते हैं।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर
बता दें कि इस ऑपरेशन की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में हुई थी, जिसमें 25 हिंदू पर्यटक समेत 265 लोगों की हत्य़ा कर दी गई थी। भारत ने पहले चरण में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने जवाब में ड्रोन और मिसाइलें दागीं, लेकिन ज्यादातर को भारतीय डिफेंस सिस्टम ने बेकार कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर वार शुरू किए थे।






