देशनई दिल्ली

विदेश मंत्री जयशंकर ने स्विस राष्ट्रपति परमेलिन से मुलाकात की, भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को और मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज सोमवार को नई दिल्ली में स्विस राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर उत्साह की प्रशंसा की।
विदेश मंत्री ने एक्स पर कहा
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात से संबंधित जरूरी जानकारी साझा की। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ के बीच बैठक से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ेगा। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की राजकीय यात्रा पर आए स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत-ईएफटीए टीईपीए के वादे को आगे बढ़ाते हुए हमारी साझेदारी को गहरा करने के राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ के विचारों की गहराई से सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक से दोनों देशों के बीच व्यापक क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।
राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ आज भारत पहुंचे
राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है। इस साल फरवरी में वह नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। भारत पहुंचने पर गी पार्मेलॉ का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
यात्रा का मुख्य जोर
इस यात्रा का मुख्य जोर दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों की आवाजाही समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर है। स्विस राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति पार्मेलॉ के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।
यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देगी
विदेश मंत्रालय ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती देगी। मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। भारत और ईएफटीए के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) को भी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। जयशंकर ने भी अपनी मुलाकात के दौरान इस समझौते से पैदा हुए अवसरों का उल्लेख किया।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क ने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रपति गी पार्मेलॉ की मौजूदा यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे तथा साझा हित वाले नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

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