रायपुर (विश्व परिवार)। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड, रायपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत” विषय पर नशा मुक्त युवा संवाद मेला का आयोजन चंगोराभाठा के सांस्कृतिक भवन जो कि एडॉप्टेट स्लम एरिया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा नशामुक्त परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
माननीय प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम में नशामुक्त भारत के निर्माण हेतु युवाओं की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया। यह 100-सप्ताह का राष्ट्रव्यापी अभियान रोकथाम (Prevent), सुरक्षा (Protect), पुनर्वास (Recover) एवं नेतृत्व (Lead) जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से इस अभियान को शैक्षणिक परिसरों तथा अंगीकृत गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। NSS का आदर्श वाक्य “स्वयं से पहले आप” (Not Me, But You) समाजसेवा एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रेरित करता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर, लाखे नगर मंडल अध्यक्ष सचिन सिंघल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से डॉ. सृष्टि यदु, पार्षद ,दुर्गा याद राम साहू अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग से कला प्रथक दल से संतोष चंद्राकर,मुख्य कला पथक प्रमुख, रमेश ठाकुर कला प्रथक सहायक, संदीप कुलदीप , परमात्मा वस्त्रकार कला प्रथक सहायक उपस्थित रहे।
जिला संगठक एवं कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रात्रि लहरी ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि नशा आज युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और सामाजिक जीवन के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस चुनौती का सामना केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूकता, सकारात्मक संवाद, पारिवारिक सहयोग और सामुदायिक सहभागिता से किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, अपने साथियों को जागरूक करने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।और बताया कि शपथ, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान,संगीत युवा संवाद द्वारा जागरूक करेंगे।
डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट
डॉ. चंद्राकर ने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करते हुए कानून एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। युवाओं को कानून का सम्मान करते हुए अनुशासित जीवन अपनाना चाहिए। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूक नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सचिन सिंघल, मंडल अध्यक्ष, लाखे नगर, रायपुर
सिंघल ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। युवाओं को खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सेवा से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सृष्टि यदु, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय
डॉ. यदु ने नशे के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नशे की आदत शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और उचित उपचार के महत्व पर भी जोर दिया।
दुर्गा याद राम साहू, पार्षद, वार्ड क्रमांक 68, चंगोराभाठा, रायपुर
साहू ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने नशामुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने, अपने परिवार एवं मित्रों को जागरूक करने तथा स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। शिक्षा संस्थानों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से ही नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरण संभव है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से नशामुक्त एवं सशक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।







