नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आरोप लगाया कि महापौर परिषद और निगम के अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बढ़ता अंतर रायपुर की जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
जनहित के मुद्दों पर होनी थी चर्चा
आकाश तिवारी के अनुसार, बैठक में भाटागांव सब्जी बाजार के व्यवस्थापन, संपत्ति कर, वार्डों के विकास कार्य, शहर की गंदगी, अवैध निर्माण, बेजा कब्जा और जल जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। हालांकि, बैठक शुरू नहीं होने के कारण इन विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि महापौर परिषद की बैठक शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मंच है। यदि ऐसी बैठकें समय पर नहीं हो पाती हैं, तो वार्डों में विकास कार्यों की गति और जनहित के फैसलों पर असर पड़ सकता है।
महापौर से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि महापौर परिषद और निगम के अधिकारियों के बीच आपसी खींचतान की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि इस टकराव में जनता के हित पीछे छूट रहे हैं और शहर की समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आकाश तिवारी ने महापौर से पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर निगम में बेहतर समन्वय स्थापित कर जनहित के मुद्दों पर प्राथमिकता से काम किया जाना चाहिए, ताकि रायपुर के विकास कार्य प्रभावित न हों।







