देशनई दिल्ली

राजनाथ सिंह और चेक गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री के बीच रक्षा सहयोग पर चर्चा, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त रूप से सैन्य उपकरण विकसित करने पर जोर

नई दिल्ली (विश्व परिवार) । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेक गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री कारेल हैवलिकेक (Karel Havlicek) के साथ मंगलवार को हुई व्यापक वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया, जिसमें सैन्य हार्डवेयर के संयुक्त विकास की संभावनाओं पर विचार करना भी शामिल है।
जनवरी 2024 में, दोनों पक्षों ने सहयोग को और प्रगाढ़ करने के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों में रक्षा क्षेत्र की पहचान की थी। कारेल चेक गणराज्य के उद्योग और व्यापार मंत्री भी हैं।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने भारत और चेक गणराज्य के बीच रक्षा-औद्योगिक सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की।’’
इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने जारी सहयोग और कई संयुक्त उपक्रमों की सफल स्थापना की सराहना की। साथ ही, उन्होंने ‘मेक-इन-इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देने के लिए भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति के तहत इस सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने शांति और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर भी चर्चा की और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अपने सहयोग को विस्तारित करने की जरूरत पर सहमत हुए। बयान के अनुसार, ‘‘दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और चेक गणराज्य के बीच साझेदारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों और परस्पर विश्वास व सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं।’’
कारेल चार दिनों के दौरे पर भारत आये हैं और वह विभिन्न मंत्रालयों, व्यापार और कारोबार से जुड़े संगठनों के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनके बेंगलुरु और मुंबई जाने का भी कार्यक्रम है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts