कोरबा (विश्व परिवार)। केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), कोरबा द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए “ग्रीन पैकेजिंग: अवसर एवं व्यवहारिक तरीके” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की RAMP योजना के अंतर्गत 30 अक्टूबर 2026 को होटल का वेरी रेस्टोरेंट, कोरबा में आयोजित इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) एवं उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन का सहयोग रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सिद्धार्थ तिवारी, सहायक निदेशक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), कोरबा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में उद्योगों और MSMEs के विकास के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सुविधाओं एवं प्रोत्साहनों की जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का आह्वान किया।
स्वागत उद्बोधन में सिपेट, कोरबा के तकनीकी अधिकारी डॉ. दिवेश मेश्राम ने ग्रीन पैकेजिंग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन में सहयोग के लिए CSIDC एवं DTIC के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही सिपेट में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों और संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सहायता एवं सेवाओं की जानकारी भी दी।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को पर्यावरण-अनुकूल निर्माण और पैकेजिंग के महत्व से अवगत कराया। अभिषेक पांडे, भोपाल एवं नम्रता तिवारी, रायपुर ने “ड्राइविंग सस्टेनेबिलिटी: द रोल ऑफ ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग एंड ग्रीन पैकेजिंग इन MSME” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन और पैकेजिंग आज व्यापारिक विकास के साथ-साथ सामाजिक जरूरत भी बन चुके हैं।
वहीं, सिद्धार्थ तिवारी ने “DTIC Schemes for Industries” विषय पर प्रस्तुति देते हुए स्थानीय उद्योगों के लिए उपलब्ध सब्सिडी, ऋण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MSMEs को पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों, सतत विकास और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने पैकेजिंग क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन और ऑटोमेशन की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही भविष्य में टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों को अपनाने की अपील की।
कार्यशाला में लगभग 45 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्हें सतत पैकेजिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, सरकारी योजनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिली। समापन अवसर पर सिपेट, कोरबा की ओर से वरुण गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सिपेट कोरबा से भावेश भाई प्रजापति, महेश टुडू, रवि आनंद, मुकेश साहू, हेमंत साहू, गोपी साहू एवं दिगंबर बैरा सहित जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), कोरबा के अधिकारी उपस्थित रहे।







