रायपुर (विश्व परिवार)। दीवाली में चिकित्सकों की अनुपलब्धता व मरीजों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए प्रदेश के सर्वप्रथम व निजी बर्न सेंटर कालडा प्लास्टिक कॉस्मेटिक एवं बर्न सेंटर के संचालक तथा अंचल के सुविख्यात प्लास्टिक कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. सुनील कालडा ने दीवाली में पटाखों से जलने पर 2 दिन 8 तथा 9 नवम्बर निःशुल्क प्राथमिक उपचार व सलाह की व्यवस्था अपने पचपेढी नाका, धमतरी रोड, कलर्स मॉल के पास व जी. ई. रोड, राजकुमार कॉलेज के सामने स्थित अस्पताल में की है।
डॉ. सुनील कालडा (प्रसिद्ध कॉस्मेटिक सर्जन) ने आम जनता से अपील की है कि दीवाली में पटाखों को लापरवाही से न चलाएँ, बल्कि अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। बम, अनारदाना, राकेट आदि चलाते समय पर्याप्त दूरी व सावधानी रखें। पटाखे जलाकर सड़क पर न उछालें। छोटे बच्चों को जलते हुए दिए व मोमबत्ती के पास अकेला न छोड़ें। बच्चों को अकेले पटाखे न चलाने दें। पटाखों को अधिक झुककर न चलाएँ, क्योंकि पटाखे कई बार अपेक्षाकृत जल्दी फूट जाते हैं और बचाव के लिए समय नहीं मिलता।
पटाखा शरीर के नजदीक फटने से सिर के बाल एवं शरीर के अन्य हिस्से गंभीर रूप से झुलस सकते हैं, क्योंकि पटाखा बनाने में गंधक, पोटाश, कोयला, कंकड़, सुतली, कपड़े एवं कागज का उपयोग होता है। यदि फटाके से जल जाते हैं, तो जलने के तुरंत बाद जले हुए स्थान पर तुरंत पानी डाल दें।
ज्ञातव्य है कि डॉ. सुनील कालडा विगत 36 वर्षों से पटाखों से झुलसे लोगों का निःशुल्क इलाज कर रहे हैं। इसलिए डॉ. सुनील कालडा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। डॉ. कालडा ने अपील की है कि दीवाली में मिठाइयों की जगह पौधे दें।






