मुंगेली (विश्व परिवार)। बेटे की मौत पिछले ढाई महीने से रहस्यमई बनी हुई है. मौत का सच जानने के लिए परिवार लगातार भटक रहा है. परिजनों का आरोप है कि पीयूष की हत्या हुई है, लेकिन घटना के इतने समय बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट नहीं होने के कारण जांच और आगे की कार्रवाई प्रभावित हो रही है. अब इस मामले में मृतक के परिजनों के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुंगेली को आवेदन सौंपकर स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की है।
21 अगस्त को हुआ पोस्टमार्टम, अब तक रिपोर्ट की स्पष्टता पर सवाल
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम टेढ़ाधौरा निवासी पीयूष सिंह ठाकुर की संदिग्ध मौत 20-21 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अमरटापू में हुई थी. घटना के अगले दिन यानी 21 अगस्त को पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन परिजनों का कहना है कि अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाई है. परिवार का आरोप है कि बिना पीएम रिपोर्ट के पुलिस भी प्रभावी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट CIMS पहुंची, वहां भी नहीं सुलझी गुत्थी!
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खड़ा हो रहा है. जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की स्पष्टता को लेकर मामला सिम्स तक भी पहुंचा, लेकिन वहां से भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. अब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की तकनीकी स्पष्टता और आवश्यक अभिमत के लिए रायपुर मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट को पत्र लिखा है।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट नहीं दे पा रहे हैं. सिम्स स्तर पर भी इस मामले का समाधान नहीं हो सका. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने में कोई तकनीकी कमी रह गई है? क्या रिपोर्ट में जरूरी तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है? आखिर एक ही मामले में रिपोर्ट की स्पष्टता के लिए बार-बार दूसरे संस्थानों का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है?
सात दिन में रिपोर्ट मिलने पर CMHO कार्यालय का घेराव
SDM को सौंपे गए आवेदन में मृतक के पिता पुष्पराज सिंह ठाकुर ने मांग की है कि सात दिवस के भीतर डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए. ऐसा नहीं होने पर परिजनों ने आंदोलन करते हुए CMHO कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है. आवेदन में संबंधित विभाग को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।
सोशल मीडिया पर भी बयां कर रहे परिवार की पीड़ा
पीयूष की मौत के बाद से परिवार जिस मानसिक और भावनात्मक पीड़ा से गुजर रहा है, उसकी झलक सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रही है. परिजन लगातार अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं. पिता के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनके बेटे की मौत की असल वजह कब सामने आएगी?
स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही
इस पूरे मामले में पुलिस अपनी जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल अभिमत का इंतजार कर रही है. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट स्पष्ट नहीं हो पाने की स्थिति परिवार की बेचैनी बढ़ा रही है. 7 दिनों में पीएम रिपोर्ट की स्थिति स्पष्ट और आवश्यक मेडिकल अभिमत उपलब्ध कराने की मांग है।







