राजनंदगांव

अनोखी मिसाल : एक सैनिक और उनकी पत्नी का संकल्प : “जीते जी रक्तदान ” एवं “मरने के बाद देह व अंग दान

  • यह केवल एक नारा नहीं : दूसरों में भी ला रहे जागरूकता

राजनांदगाँव (विश्व परिवार)। जिले से ग्राम पो.नवागांव थाना सोमनी जिला राजनांदगाँव से छ. ग. के छोटा से गाँव नवागांव के सोहन लाल साहू (रेडियो श्रोता) पत्नी रुखमणी साहू का जीता जागता संकल्प लिया है ।
वर्तमान में 6वीं बटालियन रायगढ़ में आरक्षक चालक के पद पर पदस्थ है, व देश की सेवा कर रहा है, सोहन लाल साहू और उनकी पत्नी रुखमणी साहू ने । उन्होंने मर्णोउपरान्त अपना अंग व शरीर दान करने का फैसला लिया है । उनका उदेश्य सिर्फ खुद दान करना नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित भी करना है ।
अभी तक उन्होंने 12 से 15 लोगों को अंग व देह दान के प्रेरित कर चुके है । सोहन लाल साहू द्वारा जरुरतमंद लोगों 14 बार रक्तदान भी कर चुके है व आगे भी निरंतर देने का संकल्प है ।
सामाजिक कूप्रथा मृत्यु भोज न कर उस पैसा को जनहित कार्य मे लगाने फैसला किया है। जो वर्तमान समय में साहू परिवार मानव समाज के लिए प्रेरणा बन रहा है.।
सोहन लाल साहू जी कहते है कि सैनिक की जिंदगी मे हम देश की रक्षा करते है, अब सेवा का यह नया रूप अपनाकर हम मानवता की रक्षा करना चाहते है ।
रुखमणी साहू जी कहते है, अंग व देह दान से किसी को नया जीवन मिल पायेगा तथा किसी बच्चे का का डांक्टर बन कर सपना पूरा होगा ।
आंकड़े बताते है गंभीर स्तिथि : भारत में प्रतिदिन लगभग 63 हजार लोगों को मृत्यु होती है जबकि देहदान या अंग दान की दर बहुत कम है प्रति 10 लाख आबादी पर 0.52 के करीब हालांकि 2023 में 17000 से अधिक अंगदान जीवित और मृत मिलकर हुए, लेकिन मृत्यु की तुलना में यह काफी कम है,कुल मृत्यु में से केवल 0.0001% से कम लोग ही देह दान कर  पाते हैं, जबकि हर साल लगभग 5 लाख लोगों को अंग प्रत्यारोपण की  आवश्यकता है।
साहू दंपति ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की कि देह दान करने वालों को अन्य राज्यों की भांति राजकीय सम्मान किया जाए।

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