रिसाली (विश्व परिवार)। महिला उत्पीड़न के शिकायतों के निराकरण करने बनी समिति में अब पुरूष भी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच सकते है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बनाएं रखने के लिए आयुक्त मोनिका वर्मा के निर्देश पर रिसाली निगम के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मेरी भागीदारी संस्था के निशा देशमुख व अमोल मालुसरे ने समिति के गठन से लेकर शिकायत कर्ताओं की शिकायतों के संबंध में विस्तार से बताया।
निशा देशमुख ने बताया कि समाज में महिला एवं पुरूषों की सहभागिता बराबर है। हर कार्य स्थल पर महिलाएं बराबर अधिकार के साथ कार्य कर रही है। कई बार विषम परिस्थिति निर्मित होने पर महिलाएं शिकायत करने से डरती है। सम्मान में ठेस न पहुंचे इस बात का भय रहता है। उन्होंने उपस्थित महिला एवं पुरूष कर्मचारियों को जानकारी दी कि आंतरिक परिवाद समिति में आवेदन और कार्यवाही दोनो ही गोपनीय रहती है। इसलिए शिकायत के बाद परिचय या फिर नाम सार्वजनिक होने का सवाल ही नहीं रहता। उन्होंने कार्यशाला में यह भी खुलासा किया कि प्रताड़ना संबंधी शिकायत पुरूष भी कार्यालय में गठित आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) में कर सकते है।
समिति स्वयं ले संज्ञान
कार्यकर्ता निशा देशमुख ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति का कार्य क्षेत्र वृहद है। कई बार पीड़िता भय की वजह से शिकायत नहीं करती। चर्चा में खुलासा होने पर समिति बैठक बुलाकर प्रकरण के संबंध में संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरी नहीं की पीड़िता ही सामने आए। घटना उजागर होने पर पीड़ित पक्ष की ओर से कोई भी शिकायत समिति के समक्ष कर सकता है। शिकायत की प्रमाणिकता आवेदक को स्वतः करना होगा।
नौकरी भी जा सकती है
दोष सिद्ध होने पर अनावेदक की नौकरी भी जा सकती है। कार्यशाला में बताया गया कि समिति के पास पर्याप्त आधार होने पर समिति नौकरी से बर्खाश्तगी, वेतन वृद्धी पर रोक लगाने अथवा अन्य प्रावधान के हिसाब से दण्ड निर्धारित कर अपना प्रतिवेदन न्योक्ता के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है। जिस पर कार्यवाही होना सुनिश्चित है।







