रायगढ़ (विश्व परिवार)। विश्व मानक दिवस 2026 के अंतर्गत भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), रायपुर शाखा कार्यालय द्वारा 25 सितंबर को होटल श्रेष्ठा, रायगढ़ में ‘स्टेकहोल्डर कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, विनिर्माण, शैक्षणिक संस्थानों, प्रयोगशालाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बीआईएस रायपुर शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक फालेन्द्र कुमार, सीपेट कोरबा के प्रबंधक (तकनीकी) राजीव लिल्हारे, जिंदल स्टील प्लांट रायगढ़ के कार्यकारी निदेशक एवं यूनिट प्रमुख देबोज्योति रॉय, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ की महाप्रबंधक अंजु नायक तथा बीआईएस के उप निदेशक राहुल कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन में फालेन्द्र कुमार ने मानकीकरण, गुणवत्ता और सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सतत विकास की दिशा में हितधारकों के बीच सहयोग और साझेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीआईएस द्वारा संचालित विभिन्न आउटरीच कार्यक्रमों और हितधारकों से जुड़ाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में राजीव लिल्हारे ने सीपेट की विभिन्न गतिविधियों और तकनीकी योगदान के बारे में जानकारी साझा की। रायगढ़ क्षेत्र के उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों में गठित मानक क्लबों के शिक्षकों और छात्र सदस्यों सहित 140 से अधिक प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मानक क्लब के छात्र सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।
योगदान देने वाले हितधारकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बीआईएस की विभिन्न गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हितधारकों, शैक्षणिक संस्थानों के मेंटर्स और बीआईएस से जुड़े रिसोर्स पर्सन्स को सम्मानित किया गया। वहीं IS 1540 : Part 2 : 1990 के तहत All India First Licence प्राप्त करने वाली इकाई M/s Jagdamba Steel and Power Tech Limited को भी सम्मानित किया गया।
ओपन हाउस में साझा किए सुझाव
कॉन्क्लेव के ओपन हाउस सत्र में हितधारकों और प्रतिभागियों ने मानकीकरण, गुणवत्ता, प्रमाणन और बीआईएस की गतिविधियों से जुड़े अपने विचार, सुझाव और अनुभव साझा किए। इस दौरान बीआईएस एवं विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय और सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग, सरकार, शिक्षण संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ बीआईएस के संवाद एवं सहयोग को मजबूत करना तथा गुणवत्ता, मानकीकरण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ावा देना था।







