नई दिल्ली (विश्व परिवार)। ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के विदेश मंत्री और सीनियर डिप्लोमैट गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की मीटिंग के लिए पहुंचने लगे। उच्चस्तरीय मीटिंग के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सभी नेताओं का स्वागत किया। 2026 में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का आयोजन किया जा रहा है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उच्च स्तरीय मीटिंग के लिए भारत मंडपम में आने वाले नेताओं और खास लोगों का खुद स्वागत किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो और ब्रिक्स देशों और साझेदार देशों के कई दूसरे विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर के साथ सभी नेताओं के आधिकारिक समूह की एक फोटो ली गई। विदेश मंत्री ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। मीटिंग के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री आपसी फायदे के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार शेयर करेंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक ब्रिक्स के विदेश मंत्री और सदस्य और साझेदार देशों के डेलिगेशन के प्रमुख इस मीटिंग में हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे। यह मीटिंग भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में पहली बड़ी मंत्रीस्तरीय मीटिंग होगी और उम्मीद है कि यह इस साल के आखिर में होने वाले ब्रिक्स लीडर्स समिट के एजेंडा को बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
नई दिल्ली में हर हफ्ते होने वाली मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया कि हिस्सा लेने वाले देशों के सीनियर डिप्लोमैट समिट में शामिल होंगे और दो दिन की मीटिंग के दौरान होने वाली चर्चाओं के बड़े फ्रेमवर्क की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत के मुख्य तौर पर क्षेत्रीय और वैश्विक विकास, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और बदलती भू-राजनीतिक असलियतों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय गवर्नेंस स्ट्रक्चर में सुधारों को आगे बढ़ाने पर फोकस रहने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की मीटिंग 14 और 15 मई को होनी है और हम इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं।”







