नई दिल्ली (विश्व परिवार)। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सभी राज्य के शिक्षा मंत्रियों को चिट्ठी लिखी है। अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्रियों से 6 सवालों का जवाब मांगा है। देश में सरकारी स्कूलों के खस्ताहाल को लेकर अभिजीत दीपके ने कहा कि जादी के आठ दशक बीत जाने के बाद भी देश के सरकारी स्कूलों की हालत किसी से छिपी नहीं है। हमारे बच्चों को जानवरों से भी बदतर स्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह लेटर शेयर किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि हमारे बच्चों को जानवरों से भी बदतर स्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
लिखे अपने पत्र में CJP प्रमुख ने कहा कि देश की प्रगति की बातें तब तक बेमानी हैं जब तक हमारे बच्चों को न्यूनतम सुविधाएं भी न मिलें। अभिजीत दीपके ने आगे लिखा-आजादी के 80 साल बाद भी अगर बच्चों को बैठने के लिए बेंच, पीने का साफ पानी और चालू टॉयलेट न मिले, तो यह बेहद शर्मनाक है। यह मुद्दा किसी एक पार्टी या सरकार का नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य का है। हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी परिवार में जन्मा हो, एक सुरक्षित क्लासरूम और पढ़ाने के लिए शिक्षक मिलना ही चाहिए।
CJP ने सरकार से पूछे ये 6 सीधे सवाल
- राज्य में पिछले पांच सालों में कितने सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया गया है और मौजूदा समय में कितने स्कूलों को मरम्मत या पूरी तरह से कायाकल्प की जरूरत है?
- मौजूदा समय में कितने शिक्षण पद स्वीकृत हैं, कितने भरे हुए हैं, और कितने खाली हैं?
- पिछले पांच सालों में सरकारी स्कूलों के लिए कितना पैसा आवंटित किया गया है और उसमें से कितना खर्च किया गया है?
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, कितने अतिरिक्त सरकारी स्कूलों की जरूरत है?
- पढ़ाने के अलावा सरकारी स्कूल के शिक्षकों को कौन-कौन से नॉन-टीचिंग काम और जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं?
- मौजूदा में कितने सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर और डिजिटल लर्निंग सुविधाओं, स्वच्छ और उपयोग में लाए जा रहे शौचालयों और बच्चों के लिए खेल सुविधाएं और उपकरण हैं?







