- फ्लोर मिलिंग क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और खाद्य सुरक्षा में भागीदारी बढ़ाने पर जोर
नई दिल्ली (विश्व परिवार)। देश के खाद्य प्रसंस्करण एवं आटा मिलिंग क्षेत्र के प्रमुख संगठन द रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (RFMFI) की 86वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन 28 सितंबर को नई दिल्ली स्थित होटल इम्पीरियल में हुआ। बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस दौरान उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान के सुझावों पर चर्चा की गई। इसके पश्चात प्रसिद्ध उद्यमी एवं व्यावसायिक नेता धर्मेन्द्र जैन को सर्वसम्मति से फेडरेशन का नया अध्यक्ष चुना गया।
सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक एवं व्यावसायिक प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त धर्मेन्द्र जैन को एग्रो इंडस्ट्रीज, आटा मिलिंग तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे एचएफएम सोलर पावर के संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) हैं, जो 50 मेगावाट से अधिक की परिचालन एवं पाइपलाइन सौर संपत्तियों का संचालन करती है। इसके साथ ही वे उत्तर प्रदेश में अडानी सोलर के एक्सक्लूसिव रिटेल पार्टनर भी हैं।
फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भी धर्मेन्द्र जैन ने उद्योग के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले संस्था के 86 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व जिन महानुभावों ने इस संस्था की स्थापना की, उन्होंने किन परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच इसकी नींव रखी होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। इसके बाद संस्था के सभी पदाधिकारियों ने उद्योग एवं संगठन के हित में कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप आज यह संस्था एक मजबूत वटवृक्ष के रूप में स्थापित है।
अध्यक्ष पद संभालने के साथ ही धर्मेन्द्र जैन ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य स्टेट फ्लोर मिल एसोसिएशनों को मजबूत करना और भारत के रोलर फ्लोर मिलिंग क्षेत्र को नई दिशा देना है। उन्होंने देशभर की फ्लोर मिलों को फेडरेशन की सदस्यता से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उद्योग से संबंधित सही एवं व्यापक जानकारी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि देश में अभी तक ऐसा कोई प्रभावी तंत्र नहीं है, जिससे गेहूं के उत्पादन और खपत का सटीक आकलन किया जा सके। अमेरिका द्वारा भारत के उत्पादन और खपत से संबंधित आंकड़े जारी किए जाते हैं, जबकि देश में इस प्रकार की समग्र व्यवस्था का अभाव है। उन्होंने इस दिशा में एक ऐसा पोर्टल विकसित करने की आवश्यकता जताई, जिससे उत्पादन एवं खपत से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
धर्मेन्द्र जैन ने संस्था के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग सदस्यों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी का सहयोग मिला तो संस्था का अपना कार्यालय स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने उद्योग के हित में सभी सदस्यों से मर्यादा में रहते हुए रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया, जिससे संगठन में पारदर्शिता और सामूहिक सहभागिता को और बढ़ावा मिल सके।
धर्मेन्द्र जैन के नेतृत्व में फ्लोर मिलिंग क्षेत्र में *आधुनिक तकनीक का समावेश कर उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाना, विश्वसनीय डाटा तंत्र विकसित करना तथा देश की खाद्य सुरक्षा में उद्योग की भागीदारी को और मजबूत करना* प्रमुख दिशा के रूप में सामने आया है। सीआईओ ऑफ द ईयर सम्मान से सम्मानित धर्मेन्द्र जैन के तीन दशकों से अधिक के विविध औद्योगिक एवं कॉरपोरेट अनुभव के साथ फेडरेशन के नेतृत्व में उद्योग के नवाचार और सतत विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में नए प्रयासों की संभावना है।







