देशनई दिल्ली

भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर, 19वां संयुक्त आयोग सत्र आयोजित

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग के बीच व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से 19वें भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग आर्थिक संघ (BLEU) संयुक्त आर्थिक आयोग (JEC) का सत्र 29 अक्टूबर 2026 को लक्जमबर्ग में आयोजित किया गया। बैठक में तीनों देशों के बीच मौजूदा व्यापार और निवेश संबंधों की समीक्षा की गई और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
इस सत्र की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, बेल्जियम के विदेश मामलों, विदेशी व्यापार एवं विकास सहयोग से जुड़े संघीय सार्वजनिक सेवा विभाग के जियो-इकोनॉमी और आर्थिक कूटनीति महानिदेशक फिलिप वैनडेन बुल्के तथा लक्जमबर्ग के विदेश एवं यूरोपीय मामलों, रक्षा, विकास सहयोग और विदेशी व्यापार मंत्रालय के महासचिव हेनरी शूमाकर ने की।
बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, कारोबार को सुगम बनाने तथा आपसी हित के क्षेत्रों में आर्थिक भागीदारी मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में लॉजिस्टिक्स, हवाई संपर्क, बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, फिनटेक, डिजिटल बदलाव, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), स्वास्थ्य सेवा, जीवन विज्ञान, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा और कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
तीनों पक्षों ने एयरोस्पेस, अनुसंधान एवं नवाचार, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा, व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई, ताकि व्यापारिक चिंताओं का समाधान किया जा सके, बाजार तक पहुंच आसान हो और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों की पहचान की जा सके।
इस बैठक में तीनों देशों ने अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं पर विचार साझा किए और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। साथ ही, कारोबार और निवेश साझेदारी को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की गई।
संयुक्त आर्थिक आयोग के सत्र के बाद वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने लक्जमबर्ग स्थित कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने वित्तीय सेवाओं, उन्नत विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
वाणिज्य सचिव ने लक्जमबर्ग की कंपनियों को भारत में दीर्घकालिक निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी और भारतीय कंपनियों के साथ जुड़कर वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का हिस्सा बनने के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts