नई दिल्ली (विश्व परिवार)। नीट को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। एक बार फिर राज्यसभा में नीट परीक्षा मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना है। विपक्ष न तो चर्चा चाहता है और न ही सदन को चलने देना चाहता है।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि शुरुआत में विपक्ष पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह नीट समेत हर संबंधित विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष ने अपनी मांग बदल दी और अब नई शर्तें सामने रख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा से कभी नहीं भागी और सदन में सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार अपना रुख बदलकर कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।
दरअसल, संसद में विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष कहना है की चर्चा से पहला शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। नीट परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में हंगामा बढ़ गया। इसके बाद सभापति ने कार्यवाही स्थगित करते हुए घोषणा की कि राज्यसभा की बैठक दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है।
गौरतलब है कि सदन में इससे पहले भी हंगामा हुआ था जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 तक के लिए स्थगित की गई। दोपहर बारह बजे भी सदन में यही हालात बने रहे और फिर सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस मुद्दे पर जेपी नड्डा कह चुके हैं कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि नीट परीक्षा, कथित प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े सभी पहलुओं पर भी सरकार विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है।
नेता सदन ने कहा कि यह पारदर्शिता के साथ काम करने वाली सरकार है और हमेशा जनता के हित में निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मौजूदा रवैया जनविरोधी है और वह सार्थक चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि विपक्ष के आचरण से यह प्रतीत होता है कि उसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय मूल्यों पर विश्वास नहीं है। उन्होंने विपक्ष की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र का सही रास्ता है।







