रायपुर

BJS छत्तीसगढ़ जैन पारिवारिक अदालत की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न, वैवाहिक विवादों को मध्यस्थता से सुलझाने पर जोर

रायपुर (विश्व परिवार)। BJS छत्तीसगढ़ जैन पारिवारिक अदालत (JPA) के संबंध में रविवार, 6 सितंबर को BJS हेड ऑफिस, पुणे के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में JPA की आवश्यकता, कार्यप्रणाली और प्रक्रिया के संबंध में उपस्थित सदस्यों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। BJS के संस्थापक शांतिलाल मुथा एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कोमल जैन ने अपने विचार साझा करते हुए मार्गदर्शन दिया।

बैठक में BJS छत्तीसगढ़-JPA की पूरी काउंसलिंग टीम उपस्थित रही। टीम के सदस्यों सुरेश कंकरिया, संपत झाबक, प्रकाशचंद मालू, अशोक पटवा, संजय सिंगी, संजय गिडिया, मनोज लुंकड, प्रमोद लुणावत, उषा गंगवाल, पंकज चोपड़ा, स्वाति जैन और एडवोकेट अंकित चौरडिया ने अपने विचार रखे।

BJS छत्तीसगढ़ के राज्य महासचिव CA विकास गोलछा ने पूरी टीम का स्वागत किया और इस सामाजिक पहल में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास

जैन पारिवारिक अदालत (JPA) के माध्यम से समाज में जैन दंपतियों और परिवारों के बीच उत्पन्न वैवाहिक मतभेदों एवं विवादों को मध्यस्थता (Mediation) के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना, रिश्तों में दोबारा विश्वास कायम करना और समाज में पारिवारिक सौहार्द को मजबूत करना है।

BJS छत्तीसगढ़ ने समस्त जैन समाज से अपील की है कि उनकी जानकारी में यदि कोई ऐसा वैवाहिक विवाद है, जिसे संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है, तो ऐसे प्रकरण को BJS छत्तीसगढ़-जैन पारिवारिक अदालत (JPA) के संज्ञान में लाया जाए।

इस पहल का उद्देश्य परिवारों को बचाने, रिश्तों को जोड़ने और समाज में सौहार्द स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना है। संस्था का संदेश है— “विवाद का समाधान, रिश्तों का सम्मान—यही है जैन पारिवारिक अदालत का प्रयास।”

इस अवसर पर BJS छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय गंगवाल और प्रदेश महासचिव CA विकास गोलछा ने समाज के लोगों से इस पहल से जुड़ने की अपील की।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts