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शिक्षक दिवस पर लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल को मिला प्रतिष्ठित सी.पी. ठाकुर ओरेशन

रायपुर (विश्व परिवार)। शिक्षक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) को प्रतिष्ठित पद्मश्री डॉ. सी.पी. ठाकुर ओरेशन के 9वें संस्करण के लिए आमंत्रित किया गया। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना में आयोजित समारोह में उन्होंने “Evaluation in Medical Education and More: Musings of a Soldier Doctor” विषय पर अपना व्याख्यान दिया।

पद्मश्री डॉ. सी.पी. ठाकुर 94 वर्ष की आयु में भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने वक्ताओं एवं श्रोताओं का उत्साहवर्धन किया। चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष अकादमिक महत्व रखने वाले इस ओरेशन में इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सक, शिक्षाविद और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ अपने विचार साझा कर चुके हैं।

इस व्याख्यान को पूर्व में AIIMS नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, एंडोक्राइनोलॉजी, मेटाबॉलिज्म एवं डायबिटीज विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. निखिल टंडन तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के पूर्व महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां संबोधित कर चुकी हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल का 9वें सी.पी. ठाकुर ओरेटर के रूप में चयन चिकित्सा शिक्षा, जनस्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाता है। वे देश के उन प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, जनस्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

चिकित्सा और जनसेवा में डॉ. सी.पी. ठाकुर का योगदान

पद्मश्री डॉ. सी.पी. ठाकुर देश के प्रख्यात चिकित्सक, शोधकर्ता एवं जनसेवी रहे हैं। काला-आजार के अध्ययन और उपचार के क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जाता है। चिकित्सा, अनुसंधान, जनसेवा और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान का भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्थायी प्रभाव रहा है। उन्हीं की स्मृति में आयोजित यह ओरेशन चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों को अपने अनुभव साझा करने का मंच प्रदान करता है।

चिकित्सा शिक्षा के बदलते स्वरूप पर रखे विचार

IGIMS, पटना में आयोजित कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने चिकित्सा शिक्षा में मूल्यांकन की भूमिका, बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं और एक सैनिक-चिकित्सक के रूप में अपने लंबे अनुभवों से प्राप्त सीख को साझा किया। उनका व्याख्यान सैन्य सेवा, चिकित्सा क्षेत्र, चिकित्सा शिक्षा, जनस्वास्थ्य और स्वास्थ्य प्रशासन में उनके समृद्ध अनुभवों का प्रतिबिंब रहा।

इस प्रतिष्ठित अवसर पर AIIMS रायपुर परिवार ने गौरव व्यक्त किया। लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) की सशस्त्र सेनाओं और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में समर्पित सेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व तथा उल्लेखनीय उपलब्धियां AIIMS रायपुर परिवार के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय हैं।

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