नई दिल्ली (विश्व परिवार)। सोशल मीडिया फेसबुक और इंस्टाग्राम रात 12 से सुबह 6 तक बंद रहेगा। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने ये फैसला लिया है। दरअसल मेटा (Meta) ने अमेरिका में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए समझौता किया है। इसी समझौते के तहत रात 12 से सुबह 6 तक फेसबुक और इंस्टाग्राम को बंद रखने का निर्णय लिया है।
अमेरिका में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए समझौता किया है। Meta पर बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने का आरोप लगा है। मेटा इस मामले में करीब 17 अरब डॉलर का भुगतान करेगी और बच्चों के लिए अपने ऐप्स में कई बड़े बदलाव करेगी। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मिलाकर दिन में दो घंटे की डिफॉल्ट लिमिट और रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक इस्तेमाल पर रोक शामिल है।
कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल के मुताबिक समझौते में राज्यों को 17 अरब डॉलर तक मिल सकते हैं। मेटा ने अपने बयान में कुल भुगतान करीब 18 अरब डॉलर बताया है। फॉरेन मीडिया ने समझौते की अधिकतम रकम करीब 16.68 अरब डॉलर बताई है। इस रकम का बड़ा हिस्सा तय है। जबकि करीब 5 अरब डॉलर से ज्यादा हिस्सा कुछ शर्तों पर निर्भर है। यह अतिरिक्त रकम तभी जारी होगी जब YouTube और TikTok भी बच्चों के लिए इसी तरह के सुरक्षा कदम उठाएं और तय रकम का भुगतान करें। मेटा ने कहा है कि वह इस समझौते के लिए 2026 की तीसरी तिमाही में करीब 10 अरब डॉलर का कानूनी खर्च दर्ज करेगी।
फेसबुक-इंस्टाग्राम में क्या बदलेगा?
सबसे बड़ा बदलाव 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए होगा। दिन में 2 घंटे की लिमिट – फेसबुक और इंस्टाग्राम को मिलाकर रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट लिमिट होगी। इसे हटाने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। दोनों ऐप्स पर बिताया गया समय इसी कुल लिमिट में गिना जाएगा। रात में ऐप बंद – रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किशोर फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक डिफॉल्ट रूप से नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगे। उम्र की जांच के लिए ज्यादा सख्त तकनीक, आसान पैरेंटल कंट्रोल और बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट से बचाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
मेटा ने क्या कहा
मेटा ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है. कंपनी का कहना है कि किशोरों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव उसकी प्राथमिकता है। समझौते में मेटा ने किसी गलती या कानूनी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि इस समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूसरे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी ऐसे ही कदम उठाएं।
फैसले का भारत पर क्या असर होगा
इस अमेरिकी समझौते का भारत में सीधे तौर पर कानूनी असर नहीं होगा। हालांकि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर यह फैसला दुनियाभर की टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ा सकता है। भारत में भी बच्चों के डेटा और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर नियम बनाए गए हैं।
क्या था मामला?
अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने 2023 में Meta पर मुकदमा किया था। आरोप था कि कंपनी ने Facebook और Instagram में ऐसे फीचर बनाए जिनसे बच्चों और किशोरों का इन ऐप्स का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा बढ़ता है। स्टेट्स का कहना था कि इससे बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर नुकसान हो सकता है। कंपनी पर लोगों और माता-पिता को इन खतरों के बारे में गुमराह करने का भी आरोप लगाया। मामले की सुनवाई अगस्त 2026 में कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में हुई।







