दुर्ग

विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, महापौर ने खराब पेवर ब्लॉक उखाड़ने के दिए निर्देश

  • गुणवत्ता पर सख्त महापौर अलका बाघमार, निरीक्षण में मिली खामियों पर जताई नाराजगी
  • पेवर ब्लॉक निर्माण में अनियमितता उजागर, दोबारा कार्य कराने के आदेश

दुर्ग (विश्व परिवार)। नगर पालिक निगम दुर्ग क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महापौर अलका बाघमार ने बुधवार को लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर,शेखर चन्द्राकर, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू और ठेकेदार के साथ सिविल लाइन स्थित एसपी बंगले के पीछे चल रहे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां पाए जाने पर महापौर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को तत्काल खराब हिस्से को उखाड़कर पुनः गुणवत्तापूर्ण निर्माण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, बेस तैयार करने की प्रक्रिया, पेवर ब्लॉकों की फिटिंग, लेवलिंग एवं अन्य तकनीकी पहलुओं की मौके पर जांच की। जांच में पाया गया कि कुछ स्थानों पर कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता एवं टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। इस पर महापौर ने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सभी विकास कार्य जनता की सुविधाओं और शहर के विकास के लिए किए जा रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनता के धन से होने वाले कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा जो भी एजेंसी या ठेकेदार निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक कार्य तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण कराया जाए। साथ ही जहां कहीं भी निर्माण में कमी दिखाई दे, उसे तत्काल सुधारने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ अधोसंरचना उपलब्ध कराना है ताकि नागरिकों को लंबे समय तक उसका लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर निगम के संबंधित अधिकारी, इंजीनियरिंग शाखा के कर्मचारी एवं ठेकेदार प्रतिनिधि उपस्थित रहे। महापौर ने सभी को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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