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जेंडर नॉर्म्स पर शोध, ‘अस्तित्व’ एप्लीकेशन और महिला सुरक्षा पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” एवं चैतन्य के संयुक्त तत्वावधान में 18 जुलाई 2026 को SIRD निमोरा, रायपुर में “जेंडर नॉर्म्स, जेंडर रिसोर्स सेंटर (GRC) सुदृढ़ीकरण एवं डिजिटल केस मैनेजमेंट” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्थापित जेंडर रिसोर्स सेंटर (GRC) महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, संवेदनशील एवं भरोसेमंद मंच के रूप में कार्य कर रहे हैं। यह केवल सूचना एवं परामर्श केंद्र नहीं हैं, बल्कि ऐसे सहयोगी केंद्र हैं जहाँ घरेलू हिंसा एवं अन्य लैंगिक हिंसा से प्रभावित महिलाएँ सम्मानपूर्वक सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही, मामलों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, उचित परामर्श, आवश्यक विभागों से समन्वय तथा रेफरल सेवाओं के माध्यम से महिलाओं को न्याय एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
कार्यशाला के दौरान चैतन्य द्वारा विकसित “अस्तित्व (Astitva)” एप्लीकेशन का भी विस्तृत परिचय एवं प्रदर्शन किया जाएगा। यह एप्लीकेशन हिंसा के छह प्रकारों की मानकीकृत परिभाषाओं के आधार पर मामलों का सुरक्षित एवं गोपनीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, दोहराए गए मामलों की पहचान करने, हॉटस्पॉट विश्लेषण करने तथा समय एवं स्थान आधारित रुझानों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जेंडर रिसोर्स सेंटरों में डेटा आधारित योजना निर्माण, निगरानी एवं प्रभावी हस्तक्षेप को नई दिशा मिलेगी।
कार्यशाला में सामाजिक मानदंडों (Gender Norms) पर विशेष चर्चा की जाएगी। सामाजिक मान्यताएँ समुदाय के व्यवहार एवं निर्णयों को प्रभावित करती हैं, इसलिए समानता, सम्मान एवं संवेदनशीलता पर आधारित सकारात्मक सामाजिक मानदंड विकसित करना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं अन्य प्रमुख हितधारकों की भूमिका को सुदृढ़ करने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि वे केवल समझौता कराने तक सीमित न रहकर हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उचित परामर्श, संरक्षण, संस्थागत रेफरल तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में जेंडर नॉर्म्स पर किए गए शोध के अनुभव एवं प्रमुख निष्कर्ष भी साझा किए जाएंगे। जिससे राज्य की सामाजिक परिस्थितियों को बेहतर समझकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी रणनीतियाँ विकसित की जा सकें।
कार्यशाला से अपेक्षा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) के सहयोग से जेंडर रिसोर्स सेंटरों को सेवा प्रदाता के रूप में सुदृढ़ करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी, औपचारिक रेफरल प्रणाली मजबूत होगी तथा विभागों के बीच समन्वय और अधिक प्रभावी बनेगा।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जेंडर रिसोर्स सेंटर के प्रतिनिधि, विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एवं अन्य हितधारक सहभागिता करेंगे। यह कार्यशाला राज्य में जेंडर उत्तरदायी शासन, प्रभावी रेफरल प्रणाली तथा महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

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