नई दिल्ली (विश्व परिवार) । फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ (FATF) की बैठक से पहले भीख (आर्थिक मदद) लेने के लिए पाकिस्तान ने नई चाल चली है। पेरिस में होने वाले FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान ने आतंकी मसूद अजहर का वारंट निकाला है। पाकिस्तान ने मसूद अज़हर पर 70 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (FIA) की मोस्ट वांटेड आतंकियों की रेड बुक में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) सरगना पर इनाम का ऐलान किया गया है। खुद को आतंक पीड़ित देश दिखाने और आर्थिक मदद लेने के लिए पाकिस्तान ने ये नई चाल चली है।
पाकिस्तान ने आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने वाली FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने और मसूद पर कार्रवाई ना करने के लिए साल 2021 में दुनिया को बरगलाना शुरू किया था। पाकिस्तान का दावा है कि मसूद अजहर पाकिस्तान से गायब हो गया है और अफगानिस्तान में है। जबकि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की टेक्निकल एनालिसिस में सामने आ रहा है कि मसूद अज़हर पाकिस्तान के ही सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छुपा हुआ है।
2021 में भी FIA ने मसूद अजहर पर 50 लाख का इनाम रखा था। 5 साल के बाद दुनिया की आंख में धूल झोंकने के लिए इस इनाम को 20 लाख और बढ़ाया गया है। FIA की मोस्ट वांटेड आतंकियों की नई अपडेटेड सूची में 26/11 आतंकी हमले में आतंकियों की मदद करने पैसे देने, बोट का संचालन करने वाले 19 आतंकियों के भी नाम है, जिसमे 17 आतंकियों की फोटो और 26/11 में उनकी भूमिका भी जिक्र है। हालांकि 2 आतंकियों की फोटो, लश्कर ए तैयबा के साथ उनके रिश्ते और 26/11 में उनकी पूरी भूमिका का जिक्र पाकिस्तान ने हटा दिया है और सिर्फ उनके नाम रखे हैं। इसी तरह पाकिस्तान के बहावलनगर के रहने वाले लश्कर ए तैयबा के आतंकी अब्दुल रहमान की भी तस्वीर और लश्कर के साथ उसके संबंध को FIA ने अपनी सूची से हटाया है। 2021 की FIA की सूची में इन दोनों की फोटो और भूमिका का जिक्र था।
लश्कर ए तैयबा के 11 आतंकियों के नाम
FIA की मौजूदा सूची में 26/11 आतंकी हमले में आतंकियों को दो बोटों अल हुसैनी और अल फ़ौज से समुद्र पार करवाने वाले लश्कर ए तैयबा के 11 आतंकियों के नाम हैं। मुल्तान के रहने वाले मुहम्मद अमजद ख़ान, बहवालपुर के शाहिद गफ़ूर, साहीवाल के मोहम्मद उस्मान, लाहौर के अतीक उर रहमान, हाफ़िज़ाबाद के रियाज़ अहमद, गुजरांवाला के मुहम्मद मुश्ताक, डेरा गाजी ख़ान के मुहम्मद नईम, कराची के अब्दुल शकूर, मुल्तान के मुहम्मद साबिर सल्फी, लोधरान के मुहम्मद उस्मान और रहीम यार ख़ान के शकील अहमद के नाम हैं।
पाकिस्तान में आतंकियों की संख्या में भी 35% इजाफा
पाकिस्तान की फ़ेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (FIA) के मुताबिक़ 26/11 आतंकी हमले में शामिल ये सभी 17 आतंकी 18 साल से फ़रार हैं। हालांकि भारतीय ख़ुफ़िया विभाग के सूत्रों के मुताबिक़ ये सभी 17 आतंकी पाकिस्तान में ही हैं।पांच साल में पाकिस्तान में आतंकियों की संख्या में भी 35% इजाफा हुआ है। FIA की 2021 की रेड बुक में पाकिस्तान में 1330 मोस्ट वांटेड आतंकी थे। जबकि 5 साल में पाकिस्तान में मोस्ट वांटेड आतंकियों की संख्या बढ़ कर 1804 हो गई है।







