नई दिल्ली (विश्व परिवार)। मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही एक मिनट ही चली। स्पीकर ओम बिरला ने वंदे मातरम गान कराया और इसके बाद कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा में मोदी-शाह समेत पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे।
सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में आज भी विरोध प्रदर्शन किया। 20 जुलाई से शुरू हुए सत्र में विपक्ष जंतर-मंतर प्रदर्शन में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है। वहीं NDA सांसद झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
उधर राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को जारी है। सदन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया।
लोकसभा में 114 घंटे में से 96 घंटे काम नहीं हुआ
मानसून सत्र में लोकसभा की 19 बैठकें हुईं। सदन की सामान्य बैठक सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक होती है। दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक रहता है। यानी एक दिन में करीब 6 घंटे कार्यवाही का समय होता है।
इस हिसाब से 19 बैठकों में करीब 114 घंटे कार्यवाही होनी थी, लेकिन यह करीब 17 घंटे 30 मिनट ही चली। यानी करीब 96 घंटे 30 मिनट कम कार्यवाही हुई।
वहीं, 2025 का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला था। इसमें लोकसभा और राज्यसभा की 21-21 बैठकें हुईं। लोकसभा में सिर्फ 37 घंटे काम हुआ था।







