नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अरुणाचल प्रदेश पर कुदरत का कहर बरपा है। भारी बारिश के बाद अरुणाचल प्रदेश में बाढ़-लैंडस्लाइड से हालात बिगड़ गए हैं। 50 से अधिक घर बह गए हैं। जबकि कई लोग लापता हैं। भारी बारिश के कारण केयी पानयोर (Keyi Panyor) जिले में बाढ़ और भूस्खलन ने सबसे अधिक नुकसान किया है। प्राकृतिक आपदा में कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और सड़कों का संपर्क टूट गया है। आपदा में एक महिला की मौत हो गई है। जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि वेअधिकारियों के संपर्क में हैं। जबति केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आधिकारिक माध्यमों से जानकारी लेते रहने और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है।
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। केयी पानयोर और पापुम पारे जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से हालात बद से बदतर हो गया है। सगाली से होज जंक्शन प्वाइंट के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-13 और पोटिन से डक्टे-होज ब्रिज प्वाइंट के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-713ए कई स्थानों पर भूस्खलन और बाढ़ के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं। सड़क बहाली और मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है।
केयी पानयोर के पुलिस अधीक्षक अंगद मेहता ने जानकारी दी कि नीरमला गुप्ता (35 वर्ष) नाम की टीचर विवेकानंद केंद्र विद्यालय (वीकेवी) में पढ़ाती थीं। उनका शव बाढ़ के बाद खोज और बचाव अभियान के दौरान मिला। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलु ने बताया कि पानी की तेज धार में पांच लोग बह गए थे। एलेश मराक (13 वर्ष), बालारी मराक (30 वर्ष), ताओ अंजिना (46 वर्ष) और सौरव कुमार लापता हैं।
सड़कें बंद, कई जिले कटे
भारी बारिश और भूस्खलन से सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेशनल हाईवे-13 के पोटिन और होज के पास तीन जगहों पर भूस्खलन हुआ है। किमिन-जीरो रूट पर बड़े भूस्खलन हुए हैं. केयी पानयोर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी, ये छह जिले सड़क संपर्क से कट गए हैं। ब्रॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) सड़कों को जल्दी खोलने की कोशिश कर रहा है।
राहत कार्यों में भारतीय सेना की मदद
राहत कार्यों में भारतीय सेना की मदद ली जा रही है। भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलिकॉप्टर ने SDRF के जवानों और रबर बोट को पिटापूल के पास उतारा। मौसम खराब होने के बावजूद हेलीकॉप्टर ने हॉलोंगी से उड़ान भरी। आगे भी जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट की मदद ली जाएगी। नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NEEPCO) ने पानयोर लोअर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के जलाशय से सावधानी के तौर पर पानी भी छोड़ा है।
बिजल उत्पादन पर अस्थायी रोक
उधर, NEEPCO ने एहतियात के तौर पर पन्योर लोअर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के रिजर्वायर से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है और परियोजना में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण NH-13 के पोटिन और होज के पास तीन स्थानों पर सड़कें बाधित हो गई हैं। पुलिस के अनुसार, केयी पान्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी इन छह जिलों का संपर्क प्रभावित हुआ है। किमिन-जीरो मार्ग पर बड़े भूस्खलन हुए हैं, जबकि ईटानगर-होज-याजाली मार्ग भी कई जगह बाधित है। मेप्सोरो और होज हाईवे जंक्शन को जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह कट गई है।







