नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत और जापान ने बुधवार को रक्षा सहयोग की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री कोइजुमी शिंजिरो के बीच यह बैठक फिलीपींस में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) से इतर हुई।
राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के बीच जारी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई और भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 और 29 अक्टूबर को होने वाली 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक में शामिल होने के लिए फिलीपींस के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरान वह अन्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर रहे हैं।
हाल के महीनों में राजनाथ सिंह और कोइजुमी शिंजिरो के बीच यह दूसरी बैठक है। इससे पहले अगस्त में जापान के रक्षा मंत्री भारत के आधिकारिक दौरे पर आए थे और राजनाथ सिंह के साथ बातचीत की थी। उस दौरान दोनों मंत्रियों ने रक्षा सहयोग में लगातार हो रही प्रगति का स्वागत किया था। इसमें दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग भी शामिल है।
दोनों पक्षों ने कहा था कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रमुख आधारों में से एक है। उन्होंने बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर विचारों और आकलनों के आदान-प्रदान के महत्व पर भी सहमति जताई थी।
भारत-जापान के संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने नौवहन और हवाई मार्गों से आवाजाही की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा में बाधा डालने वाली किसी भी एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने बल प्रयोग या दबाव के जरिए मौजूदा स्थिति को बदलने के किसी भी प्रयास का भी विरोध जताया था।
बैठक के बाद जापान के रक्षा मंत्री कोइजुमी शिंजिरो ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच हुई चर्चाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक समाप्त होने पर राजनाथ सिंह ने उनसे आत्मीयता से मुलाकात की और इसे बेहद उपयोगी बैठक बताया।
कोइजुमी ने कहा कि इस बैठक से भारत-जापान रक्षा सहयोग को गति देने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत विश्वास को और मजबूत करने तथा बातचीत में तय मुद्दों को ठोस नतीजों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।







