- चढ़ावे में 10-20 के नोट बढ़े, 500 के घटे; सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई
नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के उजागर होने और जांच के बीच मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि काम के घंटे बढ़ाने और वेतन घटाने के बाद कर्मचारियों ने यह फैसला लिया।
चढ़ावा चोरी के बाद बदली व्यवस्था
दान पात्र में आने वाली राशि की गिनती पहले हाउसकीपिंग स्टाफ से कराई जाती थी। लेकिन चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया। अब चढ़ावे की गिनती के लिए अलग से विशेष कर्मचारी रखे जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे, सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करना होगा और पुलिस से सत्यापित कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा।
सैलरी घटी, काम के घंटे बढ़े
सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों के ड्यूटी घंटे तय कर दिए गए हैं। अब सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक काम करना होगा। साथ ही छुट्टियां भी कम कर दी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पहले की तुलना में वेतन भी घटा दिया गया, जिसके विरोध में 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
नए आउटसोर्स कर्मचारी नहीं रखे गए
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने फिलहाल कोई नया आउटसोर्स कर्मचारी नियुक्त नहीं किया है।
बताया गया कि पिछले वर्ष महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इन कर्मचारियों की मुख्य जिम्मेदारी हाउसकीपिंग थी। बैंक सूत्रों के अनुसार, उन्हें नकदी गिनने का काम नहीं दिया गया था, बल्कि मुड़े हुए नोटों को सीधा कर बंडलों में व्यवस्थित करने का कार्य सौंपा गया था।
इस्तीफा देने वाले एक कर्मचारी के मुताबिक, पहले उन्हें हर महीने 14,755 रुपये मेहनताना मिलता था।







