मुंगेली (विश्व परिवार)। मुंगेली नगर पालिका स्थित जिस शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला ने पढ़ाई की थी, आज उसी स्कूल में वे पालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन के समय उन्होंने विद्यार्थियों के साथ मध्यान्ह भोजन किया। पुराने स्कूल में लौटने और बच्चों के साथ भोजन करने का यह पल उन्हें उनके विद्यार्थी जीवन की यादों में ले गया।
रोहित शुक्ला ने कहा कि आज वे जिला शिक्षा अधिकारी के साथ इसी स्कूल का निरीक्षण करने आए हैं। संयोग से निरीक्षण के दौरान भोजन का समय हो गया, इसलिए विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। उन्होंने कहा कि इसी स्कूल में उन्होंने भी पढ़ाई की है, इसलिए यहां आना उनके लिए केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि पुरानी यादों से जुड़ा अनुभव भी है।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे के साथ विद्यालय के प्राचार्य विजय सोनी, संकुल समन्वयक सुशील जांगड़े एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। विद्यालय की विभिन्न आवश्यकताओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान भौतिकी एवं हिंदी विषय के व्याख्याताओं की आवश्यकता के साथ ही सहायक ग्रेड-3 एवं प्यून के रिक्त पदों को भरे जाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
कमरों की कमी दूर करने अतिरिक्त भवन की तैयारी
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाओं की संख्या अधिक है, जबकि उपलब्ध अध्यापन कक्षों की संख्या कम है। विद्यार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका अध्यक्ष एवं नगर पालिका अभियंता ने अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाने की बात कही गई।
डीईओ ने बच्चों से पूछे 25 तक के पहाड़े
जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे ने कक्षा 6 के विद्यार्थियों से 25 तक के पहाड़े पूछे। इसके साथ ही हिंदी एवं अंग्रेजी पठन का भी परीक्षण लिया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी पढ़ाई और शैक्षणिक स्थिति का जायजा लिया।
बच्चों को परोसा चावल, दाल
निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन के समय नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला एवं जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन करने से पहले भोजन मंत्र के पश्चात विद्यार्थियों को चावल, दाल, चना-आलू की सब्जी एवं अचार-पापड़ का वितरण किया गया। भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाए जाने पर चखना पंजी में भी प्रविष्टि दर्ज की गई।
एक तरफ स्कूल की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों का निरीक्षण चल रहा था, तो दूसरी तरफ इसी स्कूल में कभी विद्यार्थी रहे नगर पालिका अध्यक्ष का बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन करना पूरे निरीक्षण का भावनात्मक पल बन गया।







