नई दिल्ली (विश्व परिवार)। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) में मतभेद पर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खुलासे के बाद से देश में कोहराम मचा हुआ है। विपक्ष इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ( CEC Gyanesh Kumar) पर हमलावर है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है। मामले में कॉकरोच जनता पार्टी की भी एंट्री हुई थी। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke ) ने CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के अंदर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया था। इस्तीफा नहीं दोने पर देशव्यापी आंदोलन की धमकी दी थी। हालांकि अब अभिजीत दीपके ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ा दिय़ा है। सीजेपी फाउंडर ने अब सीजेपी प्रोटेस्ट 2.0′ शुरू करने की नई तिथि और जगह तय की है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- इस आंदोलन को शहर-शहर में ले जाएंगे।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो CJP 2 अक्टूबर को मुंबई से अपना देशव्यापी विरोध शुरू करेगी, और इसे पूरे भारत के शहरों में ले जाएगी। इस गांधी जयंती पर आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें।
कल दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम
इससे पहले मामले में CJP ने 24 सितंबर को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वह 48 घंटे में इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर में प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। CJP ने आगामी विधानसभा चुनावों को रोकने की भी मांग की थी। CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने पत्रकारों से कहा कि उनका संगठन नई दिल्ली के साथ-साथ देशभर में धरना प्रदर्शन करेगा। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने तीन मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, ज्ञानेश कुमार और कथित तौर पर उन्हें निर्देश देने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और आगामी सभी चुनावों पर रोक लगाने की मांग शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट में क्य़ा खुलासा
बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस ने खुलासा किया है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi ) ने नए वोटरों को जोड़ने और नाम हटाने से लेकर जानकारी छिपाने पर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बिना जानकारी दिए मुख्य चुमनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फैसले लिए। दोनों चुनाव आयुक्त ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है। शिकायत में सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी SIR, फॉर्म 6 में बदलाव, नए वोटर का रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाना और जोड़ना, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, वोटर लिस्ट की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई है।







