रायपुर (विश्व परिवार)। एम्स रायपुर के पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग द्वारा 7वें राष्ट्रीय पल्मोनरी अपडेट- 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन डॉ. अजय कुमार बेहरा, डॉ. सजल डे, डॉ. रंगनाथ टी. जी., डॉ. दिवाकर साहू एवं डॉ. प्रवीण दुबे के नेतृत्व में किया गया।
इस प्रतिष्ठित शैक्षणिक कार्यक्रम में देशभर के अग्रणी पल्मोनोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ तथा विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सम्मेलन मध्य भारत के सबसे बड़े पल्मोनरी शैक्षणिक आयोजनों में से एक रहा।
सम्मेलन का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायपुर, प्रो. एली मोहापात्रा, डीन, एम्स रायपुर, प्रो. सूर्यकांत, विभागाध्यक्ष, पल्मोनरी मेडिसिन, केजीएमयू, लखनऊ, प्रो. विजय हड्डा, पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर एवं स्लीप मेडिसिन विभाग, एम्स नई दिल्ली, तथा डॉ. अरूप हलदार, वरिष्ठ सलाहकार, पल्मोनरी एवं स्लीप मेडिसिन विभाग, सीएमआरआई, कोलकाता की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिन 25 जुलाई को बेसिक ब्रोंकोस्कोपी, एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड (EBUS), क्रायोथेरेपी एवं आर्गन प्लाज्मा कोएगुलेशन (APC) पर गहन हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित की गई। यह छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली व्यापक इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी कार्यशाला थी। इसमें प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों की सहायता से राष्ट्रीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में डायग्नोस्टिक एवं चिकित्सीय ब्रोंकोस्कोपिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया और इसे अत्यंत सराहना मिली।
26 जुलाई को आयोजित वैज्ञानिक सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने पल्मोनरी मेडिसिन, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन तथा श्वसन रोगों के क्षेत्र में उभरती नई तकनीकों पर नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी साझा की। वैज्ञानिक सत्रों में समकालीन उपचार पद्धतियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों, जटिल रोग मामलों की चर्चा तथा श्वसन रोगों के निदान एवं उपचार में नवाचारों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
इस सम्मेलन में 120 से अधिक प्रतिनिधियों, जिनमें चिकित्सक, पल्मोनोलॉजिस्ट, स्नातकोत्तर विद्यार्थी, डीएम फेलो एवं विभिन्न प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे, ने भाग लिया। यह सम्मेलन शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने, नवीन वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान तथा श्वसन रोग विशेषज्ञों के बीच पेशेवर सहयोग और नेटवर्किंग को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।







