नई दिल्ली (विश्व परिवार)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘गद्दार’ करार दिया। उत्तर कोलकाता जिला टीएमसी की वर्चुअल बैठक में उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने किसी नेता को पहचान और सम्मान दिया, मुश्किल वक्त में उसका साथ छोड़ना वैसा ही है जैसे कोई अपनी बीमार मां की सेवा करने से इनकार कर दे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों के लिए कोई माफी नहीं है और जनता समय आने पर उनसे जवाब मांगेगी।
‘डर और दमन का माहौल बना रही है भाजपा’
ममता ने केंद्र की भाजपा सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में डर और आर्थिक संकट का माहौल है, विपक्षी नेताओं पर लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, लोगों की नौकरियां जा रही हैं और छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई हो रही है। उनके अनुसार, ऐसे समय में टीएमसी के जमीनी कार्यकर्ताओं ने संघर्ष कर पार्टी को मजबूत बनाए रखा है।
‘संपत्ति बचाने के लिए छोड़ रहे हैं पार्टी’
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई नेता अपने खिलाफ चल रही जांच और परिवार की संपत्ति बचाने के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों में धैर्य की कमी है और वे व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी के संघर्ष और कार्यकर्ताओं के बलिदान को भूल गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं को बचाने का दावा करने वाले नेता आज अपने ही क्षेत्रों में नहीं जा पा रहे हैं।
बागियों को दी वापसी की नसीहत
ममता ने पार्टी छोड़ने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी जिन लोगों में समझ बाकी है, वे लौट आएं, क्योंकि अंत में वे न इधर के रहेंगे और न उधर के। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि नेता कार्यकर्ताओं से बनते हैं और टीएमसी का आधार हमेशा जमीनी कैडर रहा है।
पुलिस, मीडिया और केंद्रीय एजेंसियों पर साधा निशाना
अपने संबोधन में ममता ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को रैलियों की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को लगातार केंद्रीय एजेंसियों के समन मिलते हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है।
21 जुलाई की रैली को सफल बनाने का आह्वान
भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को होने वाली टीएमसी की शहीद दिवस रैली को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे कम कार्यकर्ता आएं, फिर भी पार्टी पूरी मजबूती से कार्यक्रम आयोजित करेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेता भाजपा में शामिल हुए हैं और पार्टी के कई नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।







