देशनई दिल्ली

NEET विवाद और लाठीचार्ज पर संसद में संग्राम, विपक्ष का जोरदार विरोध

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। तीसरा दिन भी विपक्ष के भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में पुलिस के लाठी चार्ज और धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते की विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके कारण 1 मिनट के अंदर सभापति ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। 11 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुआ लेकिन हंगामे के कारण 10 मिनट के अंदर फिर से 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। इस्तीफे के बाद भी नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग कर रहा है। जबकि सत्ता पक्ष पेपर लीाच पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि तुरंत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के खिलाफ है।
10 मिनट की कार्यवाही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया? यूपी के पूर्व सीएम और कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया बर्बरता का मुद्दा उठाया। सपा चीफ ने पूछा कि क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?अखिलेश यादव ने कहा कि ये मुद्दा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बीजेपी का नहीं है. ये मुद्दा छात्रों, नौजवानों का है. युवा छात्र, नौजवान सबके हैं. हम सब लड़ रहे हैं उनके लिए. अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो सड़कों पर आएंगे। छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ। क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि हम मजबूरी में पीएम आवास पर गए। क्या पीएम बयान नहीं दे सकते हैं? सदन में क्यों नहीं बोल रहे हैं?
वहीं लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग साफ है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार कह रही है कि वह NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के तहत सार्थक चर्चा चाहती है, ताकि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हो सके।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts